आरटीओ उड़नदस्ता अधिकारी बनकर  11 लाख की ठगी

बिलासपुर| आरटीओ अधिकारी बनकर, नौकरी लगाने के नाम पर 3 लोगों से करीब 11 लाख ठगी का मामला सामने आया है| पुलिस मामला दर्ज कर जाँच कर रही है|

पुलिस का अनुसार चांटापारा निवासी अमित भोसले   की शिकायत पर सिरगिट्टी पुलिस ने यह कार्रवाई की है। बताया गया कि दिसंबर 2019 को वह अपने परिचित शुशांक वैध के पास गया था। यहां उनके किराएदार पवन कुमार अग्रवाल के घर उन्हें जिला जांजगीर-चांपा के ग्राम बिलाईगढ़ निवासी भागीरथी साहू उर्फ मनीष मिला।

उसने खुद को आरटीओ का उड़नदस्ता अधिकारी बताया। कहा कि वह कई लोगों को सहायक ग्रेड तीन में नौकरी लगवा चुका है। यदि वह भी नौकरी करना चाहता है तो उसकी व्यवस्था करवा सकता है। कहा इसके एवज में उसे 4 लाख रुपए देना पड़ेगा।

अमित उसकी बातों में आ गया और उसे यह रकम दे दिया। इसके अलावा शुभांगी वैध व शुशांक वैध से भी उसने नौकरी के नाम पर पैसा लिए।

तीनों ने मिलकर 10 लाख 90 हजार रुपए दिए पर नौकरी नहीं लगी। इधर जब अमित बिलासपुर, जांजगीर, बलौदा बाजार आरटीओ आफिस जाकर जानकारी ली तो पता चला कि भागीरथी साहू उर्फ मनीष नाम का  कोई भी व्यक्ति उड़नदस्ता में नहीं है।

इसके बाद  भागीरथी साहू पैसा वापस करने टालमटोल करने लगा। तब पीड़ित अमित व उनके पहचान के शुशांक वैध व शुभांगी वैध को ठगी का पता चला और थाना प्रभारी के नाम लिखित में आवेदन दिया।