बाल संप्रेक्षण गृह से भागे 4 कोरोना संक्रमित बालक,प्रशासनिक अमले में खलबली

महासमुंद | महासमुंद जिले बरोंडाबाजार स्थित बाल संप्रेक्षण गृह से 4 अपचारी बालक भागने में कामयाब हो गए। ये चारों बालक कोरोना पॉजिटिव बताये जा रहे हैं। अब बालकों के भाग जाने से प्रशासनिक हड़कंप मचा हुआ है। भागने की सूचना बाल संप्रेक्षण गृह की ओर से पुलिस को दे दी गई है। जिसके बाद कोतवाली थाना पुलिस इनके खोज में जुटी हुई है।

दरअसल, बाल संप्रेक्षण गृह में बीते दिनों कुछ बच्चों में कोरोना का लक्षण देखा गया था।  जिसके बाद इनका सैम्पल टेस्ट करवाया गया जिसमे 4 बच्चे पॉजिटिव निकले। मंगलवार शाम ही रिपोर्ट आने के बाद चारों को अलग कमरे में शिफ्ट किया गया था। साथ ही उनका इलाज भी शुरू कर दिया गया था। लेकिन देर रात मौका पाकर ये चार बच्चे कमरे का दरवाजा तोड़कर बहार भागे और फिर बाल संप्रेक्षण गृह परिसर में लगे कांटेदार तार को पार कर फरार होने में कामयाब हो गए। 

भागने वालों चार अपचारी बच्चों में महासमुंद,पिथौरा,बलौदाबाजार और उत्तरप्रेदश के हमीरपुर निवासी बालक थे। इन चारों पर नकबजनी,हत्या और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज थे।  

बाल संप्रेक्षण गृह से 4 अपचारी बालक फरार हो गए हैं। चारों बालक कोरोना पॉजिटिव बताए जा रहे हैं। इससे पहले जिला जेल से कैदी फरार हो गए थे। इस तरह की घटना से महासमुंद के अधिकारियों पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।

आपको बता दें की 6 मई को महासमुंद जेल से पांच कैदी दीवार फांदकर फरार होने में कामयाब हो गए थे। जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। आनन फानन में पूरे जिलें में नाकेबंदी कर फरार आरोपियों को फिर धर दबोचा गया। इस मामले में 4 प्रहरियों को लापरवाही बरतने पर निलंबित भी किया गया। 

वहीँ  राजधानी के माना बाल संप्रेक्षण गृह में 45 बच्चे और 5 स्टाफ एक साथ कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। एक साथ एक ही जगह में संक्रमण पाए जाने के बाद बाल संप्रेक्षण गृह को ही आइसोलेशन सेंटर बना दिया गया है। अभी भी इन बच्चों का उपचार यहीं किया जा रहा है। बाल संप्रेक्षण गृह में में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद विभाग पर प्रश्नचिन्ह भी लगा। जिसमे कोरोना के गाइड लाइन का पालन सही तरीके से नहीं होना भी माना जा रहा है। 

अब महासमुंद में भी कोरोना पॉजिटिव चार बालक बाल संप्रेक्षण गृह से ही फरार होने के बाद प्रशासन पर सवालिया निशान लगने लगा है। इस घटना को महासमुंद जेल ब्रेक और राजधानी के बाल संप्रेक्षण गृह में कोरोना विस्फोट से जोड़कर देखा जा रहा है। हालाकिं जिले के एसपी और कलेक्टर दोनों ही अधिकारीयों ने इसे बड़े ही गंभीरता से लेते हुए बच्चो को जल्द पकड़ने दिशा निर्देश दिए हैं। साथ ही बाल संप्रेक्षण गृह में मौजूद अन्य बालकों का भी कोरोना टेस्ट करवाया जा रहा है। 

 

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प्रकाशित
Swaroop Bhattacharya

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