पूर्व सेल्समेन ही निकला लुटेरा,नौकरी से निकाला तो बदला लेने साथियों संग की वारदात

साथियों संग गिरफ्तार, लूट की रकम 11 लाख 52 हजार और घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद

रजिंदर खनूजा, महासमुंद। शराब दुकान से निकाले जाने के बाद सुपरवाईजर से बदला लेने के लिए सेल्समेन ने लूट की थी। शनिवार को तुमगांव थाना क्षेत्र स्थित गाड़ाघाट शराब दुकान के सुपरवाइजर के साथ हुए लूट की घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर लूट की रकम 11 लाख 52 हजार और घटना में प्रयुक्त बाइक क्रमांक सीजी 04 एमसी 2971 डिलक्स, सीजी 04 एचजे 8782 होण्डा साइन पुलिस ने जब्त कर ली है।

रविवार को कंट्रोल रुम में एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने प्रेसवार्ता में मामले का खुलासा किया। उन्होनें बताया कि पूर्व में कार्यरत दुकान के सेल्समेन विजय मनहरे ने अपने 5 साथियों के साथ मिलकर लूट की घटना को अंजाम दिया था। जिसे तुमगांव पुलिस और साइबर सेल की टीम ने पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों में खरोरा थाना क्षेत्र के परसवानी निवासी विजय मनहरे  , पटेवा थाना क्षेत्र के जोगीडीपा राजेश कुमार जांगड़े  और राहुल नंदे  खरोरा थाना क्षेत्र के देवगांव निवासी धनीराम उर्फ धनी , योगेश धृतलहरे  , अमर धृतलहरे  शामिल हैं।

बता दें कि शनिवार को गाड़ाघाट शराब दुकान के सुपरवाईजर के साथ लूट हुई थी। मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ 394, 34 के तहत जुर्म दर्ज किया है।

ऐसे हुई थी लूट

शनिवार सुबह 8 बजे गाड़ाघाट शराब दुकान का सुपरवाइजर मनीष गुप्ता दुकान की बिक्री की रकम 11 लाख 52 हजार रुपए बैग में रखकर बैंक में जमा करने बाइक से महासमुंद के लिए निकला था। नहर किनारे खड़े तीन नकाबपोश उनसे टकरा गए और उनके गिरते ही आंखों में मिर्ची पावडर छिड़ककर बैग छीनकर भाग गए। घटना की जानकारी मनीष ने पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने पूछताछ की और घटना स्थल का जायजा लेकर जंाच में जुट गई। रास्तेे में लगे सीसीटीव्ही कैमरों के आधार पर पुलिस ने सभी आरोपियों को समोदा से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि घटना के बाद आरोपी लूट की रकम का बंटवारा कर अपने-अपने घर चले गए थे जिन्हें पुलिस ने धर दबोचा।

ये थी वजह, इन्होंने दिया साथ

पुलिस ने बताया कि जानकारी लेने पर पता चला कि उक्त दुकान में ही पूर्व में काम करने वाला विजय मनहर तीन-चार दिनों से शराब भट्टी के आसपास घूमता हुआ देखा गया है एवं उनके साथ अन्य तीन-चार लोग भी थे, जो दूसरे जिले के थे। यह भी पता चला कि मनीष गुप्ता का विजय मनहरे से पूर्व में विवाद हुआ था। आरोपी विजय मनहरे मनीष गुप्ता को नुकसान पहुचाने योजना बना रहा था।

दुकान में काम करने की वजह से उसे मालूम था शराब दुकान में रखी रकम जमा करने मनीष कब जाता है। विजय ने दुकान में कार्यरत सेल्समेन राहुल नंदे व राजेश कुमार जांगड़े के साथ देवगांव थाना खरोरा निवासी धनीराम घृतलहरे उर्फ धनी व योगेश धृतलहरे व अमर धृतलहरे को भी अपने प्लान में शामिल किया।