सरगुजाः वनकर्मियों पर ही अपराध दर्ज, कर्मचारी लामबंद ,आंदोलन की चेतावनी

वन भूमि पर अवैध कब्जे के खिलाफ की थी कार्रवाई

चंद्रकांत पारगीर, बलरामपुर। सरगुजा संभाग में अवैध अतिक्रमण पर हुई कार्यवाही के बाद जिस व्यक्ति को वन विभाग ने मौके पर पकड़ा था, उसकी शिकायत पर पुलिस ने वन विभाग के कर्मचारियों पर अपराध दर्ज कर लिया, जिसके बाद पूरे छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंप कर झूठे मुकदमा हटाने की मांग की है नहीं हटाने की स्थिति में धरने की चेतावनी दी है।

छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ ने बलरामपुर पुलिस अधीक्षक को सौंपे अपने ज्ञापन में पूरे प्रकरण की जानकारी देते हुए बताया कि   26.07.2020 रविवार रात्रि 11 बजे  सुरेश प्रसाद यादव,  डिण्डो को सूचना मिली कि ग्राम बसेरा में वन भूमि को किसी के द्वारा ट्रैक्टर से जुताई किया जा रहा है, उक्त सूचना पर वन परिक्षेत्र धमनी के वन कर्मचारी सुरक्षा कर्मियों को साथ लेकर मौके पर ग्राम बसेरा बीट डिण्डो के कक्ष क्रमांक पी 847 सरई पान वनखण्ड पहुंचे। मौके पर  एक ट्रैक्टर वन भूमि की जोताई कर रहा था स्टॉफ के पहुंचने पर चालक वाहन छोडकर फरार हो गया ।

मौके पर महेन्द्र गुप्ता पिता श्री जगदीश साव सा. बसेरा था । जिसका ट्रैक्टर था और वही जोताई भी करा रहा था। महेन्द्र गुप्ता के साथ करेसन पिता पनु अगरिया जो बसेरा का सरपंच भी है अन्य 10-12 लोगों को साथ लेकर शराब के नशे में धुत होकर विवाद करने लगा।  धमकी देते कर्मचारियों से हाथापाई करने लगा। इस दौरान वह गिर गया था शायद इसी से उसके सिर में ‘चोट भी लग गया था। उसके साथ किसी भी कर्मचारी के द्वारा मारपीट नहीं की गई थी।उसे समझाइश दी जा रही थी।

जब वन कर्मचारी ट्रैक्टर को आरोपी के द्वारा मार्ग में लूट लेने की धमकी दिए जाने के भय से रात्री में जब्त टैक्टर को डिण्डो चौकी में रखवाया गया। दूसरे दिन 27जुलाई 2020 को जब्त वाहन को वन कर्मचारी वाड्रफनगर ले गये।

वन भूमि में अतिक्रमण करने के अपराध में करेसन पिता पनु अगरिया के विरुद्व वन अपराध प्रकरण (पी.ओ.आर.) क्रमांक 11768/10 दिनॉक 26.07.2020 जारी किया गया है। तथा वन अपराध में संलिप्त ट्रैक्टर हल सहित महेन्द्रा डी.आई 275 क्रमांक UP 64 8 2176 को वन विभाग वाड्रफनगर में रखा गया है। जिसकी राजसात की कार्यवाही की जा रही है।

झूठी रिपोर्ट की गई है दर्ज

वन कर्मचारी संघ ने कहा है कि जब्ती की कार्यवाही में शासकीय कार्य में करेसन वगैरह के द्वारा व्यवधान उत्पन्न किया गया। कर्मचारियों से हाथा पाई किया गया और गिर जाने से चोट लग जाने पर उल्टे वन कर्मचारियों पर मारपीट करने का झूठा रिर्पोट पुलिस चौकी डिण्डो में किया गया है। जिसका उद्वेश्य सिर्फ स्वयं को बचाना एवं जप्त ट्रैक्टर को छोडवाने का दबाव बनाना है।

संघ का कहना है कि उपरोक्त संपूर्ण घटना क्रम में रामानुजगंज क्षेत्र के वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों का आरोपी को शह मिल रहा है। पुलिस पर भी अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है कि सुरेश प्रसाद यादव एवं रामप्रताप सिंह खैरवार वनपाल को हरहाल में धारा 307 के तहत् गिरफ्तार कर जेल भेजा जावे।

वन कर्मचारियों को प्राप्त है संरक्षण

संघ ने एसपी को आग्रह किया है  कि दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 197 के अंतर्गत वन कर्मचारियों को शासकीय कर्तव्य निर्वहन के दौरान संरक्षण प्रदान किया गया है। यदि ऐसे किन्ही प्रकरणों में अनावश्यक रिर्पोट हो जाने पर वन विभाग एवं पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा संयुक्त जांच उपरांत ही गुण दोष के आधार पर कार्यवाही किया जा सकता है। परंतु क्षेत्रिय जन प्रतिनिधियों द्वारा पुलिस विभाग पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। जिससे हम वनकर्मचारी हतोत्साहित हैं। ऐसे परिस्थितियों में अब हमारे लिए कार्य कर पाना मुश्किल हो गया है।

कार्यवाही नहीं तो धरना

संघ ने एसपी से आग्रह किया है कि प्रकरण की समुचित जांच उपरांत ही कार्यवाही की जाए।समुचित जांच नही होने पर अनावश्यक प्रताडित हो रहे वन कर्मचारी साथियों के समर्थन में बलरामपुर जिले के समस्त आक्रोषित वन कर्मचारी  29.07.2020 से आंदोलन के लिए बाध्य हो गये हैं। आंदोलन अवधि में शासन/प्रशासन को होने वाली किसी भी क्षति के लिये वनकर्मी उत्तरदायी नही होगे।

उन्होंने आगे मांग की है कि शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने वाले करेसन अगरिया के विरुद्व आवश्यक कार्यवाही किया जाए। निष्ठा पूर्वक कार्य करने वाले वन कर्मचारियों के विरुद्ध दर्ज झूठे रिपोर्ट की समुचित जांच उपरांत ही कार्यवाही की जाये।

अलग-अलग स्थान पर होगा आंदोलन

आंदोलन वन मंडल बलरामपुर के वनपरिक्षेत्र वाड्रफनगर, रघुनाथनगर एवं धमनी के वन कर्मचारियों के लिए धरना स्थल वाड्रफनगर होगा। वही वनपरिक्षेत्र रामानुजगुज, चान्दो, बलरामपुर एवं सेमरसोत अभ्यारण्य के कर्मचारियों का आंदोलन स्थल बलरामपुर होगा। वनपरिक्षेत्र शंकरगढ कुसमी एवं राजपुर के कर्मचारियों के लिए आंदोलन स्थल राजपुर निर्धारित किया गया है। इसके अलावा कोविड 19 के संक्रमण से संबधित समस्त सावधानियां जैसे मास्क सेनेटाईजर एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पूर्णतः पालन किया जायेगा।