क्या रमन सरकार ने कराई थी इनकी जासूसी…?

भूपेश बोले- निजता को सुरक्षित रखना मेरी जिम्मेदारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं की फ़ोन टेपिंग और संबंधित कंपनी एनएसओ द्वारा इस संबंध में राज्य पुलिस के समक्ष प्रेजेंटेशन दिए जाने की खबरों पर गंभीर रुख़ अपनाते हुए पूरे मामले की जाँच के आदेश दिए हैं। सीएम ने इसके लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई है जो एक माह में तथ्यों के साथ प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगी।

दरअसल बीते दिनों यह खबरें आईं कि व्हाट्सएप के ज़रिए इज़राइली कंपनी एनएसओ ग्रुप ने पेगासस सॉफ़्टवेयर के ज़रिए देश में कुछ चुनिंदा लोगों की जासूसी की और उनके फ़ोन टेप किए गए। खबरों में यह कहा गया कि,इनमें छत्तीसगढ़ के भी कुछ लोगों की फ़ोन टेपिंग हुई।कुछ मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया कि,छत्तीसगढ़ पुलिस के सामने इज़राइल कंपनी ने अपने सॉफ़्टवेयर का प्रदर्शन किया था। राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव पर आगे क्या किया यह स्पष्ट नहीं है।कमेटी जांच करेगी कि क्या राज्य सरकार इस तरह के किसी स्पाईवेयर का उपयोग कर रही थी।
सीएम ने ट्वीट किया है कि जासूसी करना जासूसों का काम है, वो इसे करते रहेंगे। नागरिकों की निजता को सुरक्षित रखना मेरी जिम्मेदारी है, मैं भी इसे करता ही रहूंगा।

छत्तीसगढ़ में कुछ व्यक्तियों के स्मार्ट फोन कॉल को अवैध रूप से टेप किए जाने की जानकारी को गंभीरता से लिया गया है। यह नागरिकों की स्वतंत्रता के हनन से जुड़ा प्रश्न है इसलिए इसे गम्भीरता से लेते हुए जांच के लिए प्रमुख सचिव गृह की अध्यक्षता में समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। समिति के अन्य सदस्यों में पुलिस निरीक्षक रायपुर एवं संचालक जनसम्पर्क होंगे। समिति सम्पूर्ण घटना की विस्तृत जांच कर एक माह में तथ्यात्मक प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी। पुलिस महानिदेशक समिति को जांच के लिए सभी आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे। बताया जाता है कि ये जासूसी 29 अप्रैल से 10 मई की बीच हुई है। उस समय देश में आम चुनाव हो रहे थे। प्रदेश के जिन सामाजिक कार्यकर्ताओं के फोन हैक किए गए उनमें आलोक शुक्ला, शालिनी गेरा, बेला भाटिया और डिग्री प्रसाद चौहान हैं।

ये है आलोक शुक्ला की खुली चिट्ठी

*एन.एस.ओ.- पेगासस द्वारा निशाना बनायें गए लोगों की तरफ से भारत सरकार को एक खुली चिट्ठी*हम निम्न -हस्ताक्षरकर्ताओं में…

Alok Shukla यांनी वर पोस्ट केले शुक्रवार, ८ नोव्हेंबर, २०१९