स्वास्थ्य विभाग में भर्ती विज्ञापन के साथ ही लेनदेन की चर्चाएं शुरू

स्वास्थ्य विभाग में 87 पोस्ट के लिए निकली थी भर्तियां

बैकुंठपुर। कोरिया जिले के स्वास्थ्य विभाग में होने वाली विभिन्न पदों की भर्ती के लिए एक बार फिर लेनदेन की चर्चाएं शुरू हो गई है। इसके पूर्व हुई भर्तियों में लेनदेन की शिकायत रही हालाकि इस पर जिला प्रशासन ने कोई जांच नहीं की। इधर फिर 87 पदों की भर्तियों को लेकर विज्ञापन जारी होते ही कई दलाल सक्रिय हो गए है। हालाकि सीएमएचओ डॉ रामेश्वर शर्मा का दावा है कि भर्ती पर कड़ी नजर है। उनका कहना है कि इस बार किसी भी प्रकार की कोई भी भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं होगा, हर भर्ती पर कड़ी नजर रखी जाएगी। गलत करने वालों के खिलाफ कडी कार्यवाही होगी, जिनका स्थानांतरण हो गया है उन्हे जल्द रिलीव किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार एनएचएम की डीपीएम के स्थानांतरण के तुरंत बाद स्वास्थ्य विभाग ने 24 अक्टूबर 2019 को 87 पोस्ट के लिए भर्तियां निकाली। जिसके लिए 11 नवंबर 2019 अंतिम तिथी निर्धारित की गई थी। दूसरी ओर सूत्रों की माने अब इन पदों में नियुक्ति के लिए दलालों की पौ बारह हो गयी है। एनएचम के तहत विभिन्न पदों पर भर्ती को लेकर सांठ गॉठ की प्रक्रिया भी शुरू हो गयी है ताकि मोटी रकम देने वालों का पद सुनिश्चित हो सके। सूत्रों के अनुसार तृतीय और चतुर्थ पद की भर्ती प्रक्रिया में लिखित और साक्षात्कार होना है, और पूरा खेल इसी में होता है, ऐसे में मेरिट में आए लोग बाहर हो जाते है। ज्ञात हो कि एनएचएम के नियमों में कही भी नहीं लिखा है कि तृतीय और चतुर्थ वर्ग की भर्ती में साक्षात्कार लिया जाना है

चर्चा है कि संविदा के पद के लिए डेढ से 2 लाख रू तक की राशि की मांग की जा रही है। इसके लिए कई दलाल अभी से सक्रिय हो चुके है। इधर, स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ कुछ संविदा कर्मचारियों का स्थानांतरण हो चुका है, संविदा पद पर पदस्थ इन कर्मचारियों के भरोसे पूरा स्वास्थ्य विभाग है। अधिकारी स्थानांतरण के बाद भी उन्हें रिलीव करने के लिए कतराते दिख रहे है।

फिर विवादों में पड़ सकती है भर्तियां
एनएचएम के तहत विभिन्न पदों की भर्ती प्रक्रिया ऐसे कुछ कर्मियों की वजह से फिर विवादों में पड़ सकती है क्योंकि इसके लिए भर्ती विज्ञापन जारी होने के पूर्व से ही लेन देन व फर्जीवाडा करने की तैयारी चल रही है। सूत्रों की जानकारी के अनुसार साक्षात्कार के अंकों को लेकर बड़ा खेल होता है। इसमें विभाग के कई अधिकारी कर्मचारी शामिल होते है। विभाग द्वारा भर्ती की जाने वाली समस्त नियुक्तियों में पारदर्शिता बनाये रखने की जरूरत है हर स्तर पर निष्पक्षता बरतने पर ही नियुक्ति प्रक्रिय पारदर्शिता के साथ हो पायेगी अन्यथा नही। इस दिशा में विभागीय आला अधिकारियों को ध्यान देने की जरूरत होगी ताकि फिर कही नई नियुक्ति प्रक्रिया विवादों में न उलझ जाये।

पूर्व में जमकर लेन देन की शिकायतें
स्वास्थ्य विभाग में पूर्व में भी हुई विभिन्न पदों की भर्ती में जमकर लेनदेन व धांधली किये जाने की शिकायत रही। जिसकी जॉच की मांग कलेक्टर से की गयी थी। इसके पूर्व वर्ष 2013 में स्वास्थ्य विभाग में एएनएम नियुक्ति में भी जमकर अनियमितता हर स्तर पर बरती गयी थी इस भर्ती में विवाद बढ़ने के बाद भर्ती प्रक्रिया निरस्त कर दी गयी थी। हाल की में जिले के तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पैकरा के कार्यकाल में भी जमकर अनियमितता के साथ धांधली हुई थी। सभी भर्ती प्रक्रिया विवादों में रही है। जो लोग उस समय भर्ती प्रक्रिया में शमिल थे वे आज भी वहीं जमे हैं।