Big News : शासकीय डेयरी में अव्यवस्था, 3 दिन में 2 गायें मरीं

डेयरी में गायों को उचित आहार का प्रबन्ध भी नही

बैकुंठपुर। कोरिया जिला मुख्यालय की एकमात्र शासकीय दूध डेयरी में गायों की मौत जारी है। बीते 3 दिन में 2 गायों की मौत हो चुकी है 4 साल पहले शुरू हुई इस डेयरी में विभागीय लापरवाही का ये आलम है कि ना तो गायों को समय पर भोजन मिल पाता है और न ही उनकी समुचित देखभाल हो पाती है। शेड जर्जर हो चुका है। वही विभाग का कहना है कि डेयरी का संचालन समूह के हाथों में है।
इस संबंध में पशु विभाग के उप संचालक आरएस बघेल का कहना है एक बछिया की मौत हुई है, उसका अंतिम संस्कार कुछ देर में हो जाएगा, समूह डेयरी को सही ढंग से संचालित नहीं कर पा रहे है, जल्द ही निजी संस्था को नीलामी की प्रक्रिया की जाएगी, ताकि गायों को बचाया जा सके।

इस संबंध में गौ सेवक अन्नू दुबे का कहना है कि मैं बहुत दुखी हूं, वहां गौ वंशो की लगातार मौत हो रही है और कोई भी अधिकारी उनकी सुध लेने नही आ रहा है। सरकार गौ सेवा के नाम पर कसीदे पढ़ रही है,पर हकीकत कुछ और ही है। जर्जर शेड की जानकारी मेरे द्वारा पशु चिकित्सा विभाग को 1 साल पहले भी दिया जा चुका था परंतु किसी भी अधिकारी को इस मामले में कोई रुचि नही है।

जानकारी के अनुसार झुमका स्थित पशु विभाग द्वारा संचालित डेयरी में बीते 3 दिन में 2 गायों की मौत हो चुकी है। जिनके मृत शरीर वही खुले में पड़े हुए है। कोई भी जिम्मेदार अधिकारी इनके सुध लेने नही आया है। मृत शरीर से बदबू के कारण आसपास के वातावरण पूरी तरह प्रदूषित हो रहा है, दुर्गंध से अन्य गायों को इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ गया है। गायों के लिए बनाया गया शेड भी पूरी तरह से टूट चुका है, जिससे इन दिनों पड़ रही ठंड में गायों को खुले में रहना पड़ रहा है।

नहीं मिल रहा है गौवंशों को उचित आहार
डीएमएफ की राशि से संचालित में गायों को उचित आहार का प्रबन्ध भी नही है। दूध देने वाली गायों को बस पशुआहार दिया का रहा है। बाकी जैसे तैसे गायों को सूखा भूसा देकर इतिश्री कर दिया जा रहा है। जिससे पशु कमज़ोर हो रहे है । जबकि सरकारी अनुपात के अनुसार प्रत्येक गौवंश को प्रतिदिन 1 से 2 किलो पशुआहार देना अनिवार्य है।

समूह के भरोसे डेयरी
डीएमएफ की राशि से शुरू हुई इस डेयरी का संचालन कुछ वर्ष पशु विभाग ने किया, उस दौरान कई गायों की मौत हो गयी, तब गाय से लेकर हर सारी खरीदी विभाग ने की, बाद में डेयरी को समूह को सौंप दिया, अब तक 5 समूह काम करके छोड़ चुके है। वही समूह को देने के बाद डेयरी की दशा सुधरने के बाद और बिगड़ते चली गई।