छत्तीसगढ़ के दिव्यांग विद्यार्थी लेंगे राष्ट्रीय संगीत प्रतियोगिता में हिस्सा

हेलन केलर को देंगे संगीतमय श्रद्धांजलि

रायपुर | छत्तीसगढ़ में दृष्टिहीन, मूकबधिर दिव्यांग बच्चो के हुनर को निखारने का क्रम जारी है। जिससे ये बच्चे राष्ट्रीय स्तर के प्रतिस्प्रधा में हिस्सा लेकर प्रदेश का नाम रोशन कर सके। इसी कड़ी में 27 जून यानी आज छत्तीसगढ़ के एकमात्र दिव्यांग महाविद्यालय के विद्वार्थी दृष्टिहीन, मूकबधिर लोगों और मानवता की सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित कर देने वाली हेलन केलर के जन्म दिन पर उन्हें संगीतमय श्रद्धांजलि देंगे।

इसके लिए ये विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर पर दिव्यांगों के लिए आयोजित ऑनलाईन संगीत प्रतियोगिता में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। अमेरिका में जन्मी नेत्रहीन और मूकबधिर हेलन केलर ने पूरी दुनिया को बताया कि शरीर की अपंगता किसी व्यक्ति की पढ़ाई-लिखाई, बोलने और खेलने में बाधक नहीं बन सकती। उनके लेखों और रचनाओं ने कई दिव्यांगों को हौसला और प्ररणा दी है।

 

समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांग विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ प्लेटफार्म उपलब्ध कराने का लगातार प्रयास किया जाता है। संगीत साधना में लगे दिव्यांग विद्यार्थियों को मुख्यधारा में लाकर आत्मनिर्भर बनाने के कई प्रयास विभाग द्वारा किये जा रहे हैं। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित स्कूल में शिक्षा प्राप्त ‘मोर रायपुर‘ थीम सांग प्रस्तुत करने वाली बालिकाएं इसका उदाहरण हैं। राज्य के अतिरिक्त कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को आगे लाने का काम विभाग द्वारा किया जा रहा है।

विद्यार्थी हेलन केलर दिवस पर राष्ट्रीय लेवल के ऑनलाइन संगीत प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। भारत के सभी दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए यह प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। प्रतियोगिता में राजधानी रायपुर के दिव्यांग महाविद्यालय की विद्यार्थी रानू साहू, गायत्री वर्मा, पंचराम नेताम, अनिल मंडावी, चंद्रशेखर साहू, दुष्यंत कुमार साहू, अमलेश्वरी दर्रो और हरीश चौहान भाग लेंगें। ये सभी महाविद्यालय में विधिवत गायन और वादन की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।