पीएम आवास की तर्ज पर डोंगरगांव पार्षद प्रत्याशी की योजना

पूर्व सांसद प्रदीप गांधी के भाई की निजी घोषणाओं ने खींचा ध्यान

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव नगर पंचायत के एक निर्दलीय प्रत्याशी भीखम गांधी ने पीएम आवास योजना की तर्ज पर भीखम गांधी योजना का वादा अपने चुनावी घोषणापत्र में किया है।बता दें कि भीखम गांधी पूर्व सांसद प्रदीप गांधी और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दिनेश गांधी के चचेरे भाई हैं।
डोंगरगांव नगर पंचायत के वार्ड नं. 7 से पूर्व सांसद प्रदीप गांधी और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दिनेश गांधी के चचेरे भाई भीखम गांधी के बागी होकर चुनाव लडऩे से पूरा गांधी कुनबा हिल गया है। बताया जाता है कि भीखम गांधी ने अपने खुद के चुनावी घोषणा पत्र में निजी योजनाओं से लोगों का भला करने का वादा किया है। चुनाव प्रचार में वह बकायदा बैनर-पोस्टर में अपनी भावी योजनाओं का जमकर प्रचार कर रहे हैं। बताया जाता है कि प्रचार के लिए लगाए गए पोस्टरों में उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना की तर्ज पर भीखम गांधी आवास योजना से लोगों को मकान उपलब्ध कराने का वादा किया है। इसके अलावा डोंगरगांव में मल्टी स्पेशलिस्ट अस्पताल खोलने का भी उन्होंने आश्वासन दिया है।

राजनीतिक रूप से डोंगरगांव में गांधी परिवार से अलग होकर चुनाव लडऩे से प्रदीप गांधी और दिनेश गांधी को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बताया जाता है कि भीखम गांधी ने भाजपा से टिकट की मांग थी, लेकिन पार्टी ने उनके नाम पर विचार नहीं किया। इसके बाद उन्होंने स्वतंत्र उम्मीदवार की हैसियत से पर्चा दाखिल कर दिया। पतंग छाप चुनाव चिन्ह मिलने के बाद वह प्रचार कर रहे हैं। अपने पोस्टर में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा उन्होंने अपने दोनों भाईयों की तस्वीर भी प्रकाशित की है। जिस वजह से गांधी परिवार के लोगों को राजनीतिक सवालों का जवाब देना पड़ रहा है। इस संबंध में निर्दलीय उम्मीदवार भीखम गांधी ने कहा कि भाई होने के नाते उनकी तस्वीर का मैंने उपयोग किया है। रही बात प्रधानमंत्री की तस्वीर की तो वह देशवासियों के प्रधानमंत्री है, इस लिहाज से भी उन्होंने उनकी तस्वीर लगाई है।

इस बीच सर्वाधिक चर्चा उनकी प्रधानमंत्री आवास योजना के समानांतर भीखम गांधी योजना की हो रही है। बताया गया है कि भीखम गांधी ने अपने निजी भूखंड से आवासहीनों को फ्लैटनुमा मकान बनाने में मदद करने का वादा किया है। साथ ही सामाजिक संगठनों की सहायता से अस्पताल बनाने की घोषणा चुनाव में की है।