संभावित अतिशेष धान की ई-नीलामी, मार्कफेड द्वारा कलेक्टरों को पत्र जारी

राज्य के मिलरों को नियम और शर्तों की दी जाएगी जानकारी

रायपुर | खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में संभावित अतिशेष धान की ऑनलाइन प्लेटफार्म पर नीलामी के लिए क्रेता पंजीयन 18 फरवरी से शुरू हो गई है। प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित रायपुर द्वारा राज्य के सभी कलेक्टरों को पत्र भेजकर उनके जिलों के सभी राईस मिलरों को नीलामी की प्रमुख नियम शर्तों से अवगत कराने का कहा गया है।

पत्र में दो दिनों के भीतर मिलरों का बैठक आयोजित कर उन्हें क्रेता पंजीयन की अर्हता, प्रक्रिया, नीलामी की प्रमुख नियम शर्तों से अवगत कराने के निर्देश दिए गए है। पत्र के साथ संभावित अतिशेष धान की जिलेवार जानकारी, ई-ऑक्शन प्लेटफार्म पर क्रेता पंजीयन की अर्हता एवं निलामी की मुख्य शर्तों की जानकारी भी भेजी गई है।

उक्त ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर संभावित अतिशेष धान की ई-नीलामी हेतु क्रेता पंजीयन की कार्यवाही 18 फरवरी 2021 से प्रारंभ की जा चुकी है। ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म का क्रेता पंजीयन की अर्हता व धान की नीलामी की नियम एवं शर्तें खाद्य विभाग की वेबसाइट www.khadya.cg.nic.in मार्कफेड की वेबसाइट www.cgmarkfed.in एवं मेसर्स एनसीडीईएक्सई-मार्केट्स लिमिटेड की वेबसाइट www.neml.in पर विस्तृत रूप से उपलब्ध है।

खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में लगभग 20.79 लाख मीट्रिक टन धान अतिशेष रहना संभावित है। इस अतिशेष धान की नीलामी के लिए राज्य शासन द्वारा सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई है। जिसके परिप्रेक्ष्य में संभावित अतिशेष धान की नीलामी हेतु खुली निविदा के माध्यम से मेसर्स एनसीडीईएक्सई- मार्केट्स लिमिटेड को ऑनलाइन ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म संचालनकर्ता के रूप में चयनित किया गया है।

मार्कफेड से खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में संभावित अतिशेष धान की जिलेवार जानकारी के अनुसार धमतरी जिले में एक लाख 8 हजार 359 मीट्रिक टन संभावित अतिशेष धान है। इसी प्रकार बिलासपुर जिले में 69 हजार 835 मीट्रिक टन, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में 15 हजार 206 मीट्रिक टन, जांजगीर-चांपा में 29 हजार 559 मीट्रिक टन, मुंगेली जिले में एक लाख 53 हजार 208 मीट्रिक टन, रायगढ़ जिले में एक लाख 54 हजार 630 मीट्रिक टन, बालोद जिले में एक लाख 34 हजार 327 मीट्रिक टन, बेमेतरा जिले में दो लाख 10 हजार 115 मीट्रिक टन, दुर्ग जिले में 50 हजार 01 मीट्रिक टन, कवर्धा जिले में एक लाख 65 हजार 605 मीट्रिक टन, राजनांदगांव जिले में तीन लाख 39 हजार 298 मीट्रिक टन, बलौदाबाजार भाटापारा जिले में तीन लाख 8 हजार 539 मीट्रिक टन, गरियाबंद जिले में एक लाख 4 हजार 186 मीट्रिक टन और महासमुंद जिले में दो लाख 36 हजार 199 मीट्रिक टन संभावित अतिशेष धान उपलब्ध है।