हाथी आतंक:पति के सामने पत्नी को हाथी ने पटक-पटककर मार डाला

महासमुंद वन परिक्षेत्र में बढ़ा हाथी आतंक

राजिंदर खनूजा,पिथौरा | महासमुंद जिले के समीप के बागबाहरा वन परिक्षेत्र में आज अलसुबह दो हाथी ने एक और महिला को पटक पटक कर मार डाला। इस बार भी मृतिका का पति एवम भांजी दूर से ही मूकदर्शक बनी हाथी के कारनामे देखते रहे। 

ग्रामीण सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बागबाहरा विकास खण्ड के ग्राम धरमपुरा निवासी बिसाहिन बाई,अपने पति प्रेमसागर लोहार एवं भांजी खुशबू के साथ अलसुबह करीब 3 से 4 बजे के बीच दुपहिया मोटरसाइकिल में बैठ कर बिजराडीह की ओर मनरेगा में काम करने जा रहे थे। इस बीच रास्ते में दो हाथीयो से इनका सामना हो गया। 

हाथियों को देखते ही अत्यंत हड़बड़ाहट एवम  दहशत में आकर घटनास्थल पर अपनी वाहन वापस लौटा कर भागता तब तक बिसाहिन दुपहिया से गिर पड़ी।इसके बाद एक हाथी अचानक बिसाहिन के पास पहुच कर उसे वही घटनास्थल पर ही पटक पटक कर मार डाला। इधर मृतिका का पति और भांजी घटना स्थल से भाग निकले और कुछ दूरी पर खड़े हो कर पत्नी बिसाहिन को हाथी द्वारा पटकते देखकर मूकदर्शक बन कर देखते रहे। 

घटना स्थल के बारे में बताया जाता है कि की यह क्षेत्र बागबाहरा वन परिक्षेत्र केे कक्ष क्रमांक 89 एवम,90 का है तीनों रोजगार गारंटी के तहत चल रहे तालाब गहरीकरण कार्य किए जाने के सिलसिले में निकले थे इसी दौरान घटना घटित हुई।

इससे पहले भी महासमुंद जिले में दो इसी तरह की घटना हो चुकी है। पहली घटना 15 मई को हुई,जिसमे खेत में हाथी ने ग्राम परसाडीह निवासी किसान को पटक-पटक मारा डाला और बेबस बेटा देखता रह गया। वही दूसरी घटना ग्राम पतेरापाली की है। जिसमे 20 मई को एक दंतैल हाथी ने अरण्ड निवासी एक वृद्ध को पटक पटक कर मार डाला था। 

बचाने के असफल प्रयास

मृतिका बिसाहिन बाई के पति प्रेमसागर ने बताया कि उन्होंने हाथी द्वारा अपनी पत्नी को सूंड से उठाकर पटकते देखा ।उसने अपने स्तर पर उसे बचाने के भरपूर प्रयास किये परन्तु हालात ऐसे थे कि वह मूकदर्शक ही बना रहा और अपनी पत्नी की मौत अपनी आंखों से ही देखता रहा।बिसाहिन निःसन्तान थी।बहरहाल मृतिका के शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनो को सौंप दिया गया है।

25 हजार की तात्कालिक सहायता

वन परिक्षेत्र के एसडीओ एस.एस.नाविक ने बताया कि प्रभावित परिवार को 25 हजार रुपये की आर्थिक मदद प्रभावित परिवार को तत्काल सहायता दी गयी है।शेष राशि जांच के बाद दी जाएगी।

हाथी हमला–वन विभाग जिम्मेदार

क्षेत्र में लगातार हो रहे हाथियों के हमले से ग्रामीण क्षेत्र में दहसत का माहौल है।लगातार हो रहे हाथियों के हमले के बाद भी वन विभाग की निष्क्रियता से वन्य प्राणियों से ग्रामीणों की जान हमेशा खतरे में रहती है। वन्य प्राणी लगातार हमले कर रहे है। हाथियों के हमले से बचाने के लिए वन अफसरों ने अनेक तरह के प्रयोगों में शासन के करोड़ो फूंक दिए इसके बावजूद हाथी समस्या जस की तस है। खास तौर पर बागबाहरा वन परिक्षेत्र में वन विभाग की लापरवाही के कारण दो तेंदुआ की हत्या हो चुकी है।इसके अलावा प्रतिदिन वन अपराध हो रहे है।शासन स्तर पर अब हाथियों की दहसत से मुक्ति के लिए कोई ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।