सिरपुर से सटे गांव में हाथियों ने दी फिर दस्तक,ग्रामीण भयभीत

धान की फसलों को बचाने किसान परेशान

राजिंदर खनूजा, महासमुंद | महासमुन्द विकासखण्ड के ग्राम लहंगर का एक कृषक खेत जाते समय अचानक तीन हाथियों को अपने सामने देख कर अपनी साइकिल छोड़ कर भागा और अपनी जान बचाई। इस घटना से क्षेत्रवासियों में हाथियों के प्रति भय व्याप्त हो गया है।

दाना पानी तलाशने पहुंचे हाथी
महासमुंद के आसपास अपना रहवास तलाशने घूम रहे हाथियों के मुखिया के वापस लौटते ही हाथी पुनः सिरपुर क्षेत्र में ही अपना दाना पानी तलाश कर रहे है। जब सिरपुर के समीप ग्राम लहंगर निवासी कृषक छेदुराम ध्रुव महकमा मार्ग पर स्थित अपने खेत साइकल से जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में उनका सामना तीन हाथियों से हो गया। अकस्मात विशाल जंगली हाथियों को देखकर छेद घबरा गया और वह साइकल वही छोड़ कर वापस गांव की ओर भाग आया। घबराहट में ही उसने हाथियों से सामना होने की बात ग्रामीणों को बताई। हाथियों से जान बचा कर वापस घर पहुचा किसान अब तक दहशत में है।इसके बाद जब ग्रामीण एक जुट होकर घटना स्थल पहुचे तो उन्हें छेदु की साइकल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त मिली। जिससे अनुमान लगाया गया कि छेदु के साइकल छोड़ कर भागने के बाद हाथी ने साइकल को पटक पटक कर अपना गुस्सा उतारा था। इस घटना से अनुमान लगाया जा रहा है की लगातार हस्तक्षेप से अब हाथी भी गुस्से में है।माना जा रहा है कि यदि कृषक छेद हाथियों की पकड़ में आ जाता तो उसे भी अपनी जान बचना मुश्किल हो जाता।

पके फसलों पर हाथियों की नजर
अब धान की फसल पकने के करीब है। ऐसी स्थिति में किसानों मजदूरो के लिए सुरक्षित पकी फसल को कटवा कर घर लाना एक चुनौती होगी। बारनयापारा के जंगलों से तीन सदस्यीय हाथियों का दल वापस सिरपुर की ओर लौट आया है और यहां खेतों में पक रही फसलों को खा रहा है। भोजन पानी की तलाश में ये हाथी अलग-अलग गांव में पिछले तीन-चार दिनों से धान की फसलों को नुकसान पहुंचा रहै है, जिससे किसान परेशान हैं।

हाथी भगाओ फसल बचाओ समिति के संयोजक राधेलाल सिन्हा ने बताया कि हाथियों के आने के बाद से फसल कटाई और धान रखने को लेकर उनकी चिंता बढ़ गई है। सभी किसान इसे लेकर चिंतित हैं.