सरगुजा संभाग में हाथियों की दहशत, खेत में रखा धान और फसलें रौंदी

कोरबा से कोरिया की तरफ हाथियों की आमद से दहशत की धमक

सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में हाथियों का आतंक थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। कभी खेतों में फसलों को रौंद कर तो कभी रिहायशी इलाकों में पहुंच कर घरों को नुकसान पहुंचा रहे है।
सूबे के हाथी प्रभावित कोरिया जिले में फिर से हाथियों की आमद से दहशत की धमक हो गयी है। कुछ दिनों पहले हाथियों का दल कोरिया जिले में आया था और कुछ दिनों तक जिले में विचरण करने के साथ ही हाथियों का दल वापस कोरबा जिले की सीमा में चला गया था लेकिन अब फिर से कोरबा जिले से निकलकर हाथियों का दल कोरिया जिले में पहुंचने की जानकारी है। वन विभाग का अमला हाथियों पर निगरानी बनाये हुए है।


मिली जानकारी के अनुसार करीब 30 हाथियों का दल कोरबा जिले के कटघोरा वन मण्डल क्षेत्र. से कोरिया जिले के खडगवॉ जनपद क्षेत्र. अंतर्गत कोटेया बीट क्षेत्र में हाथियों का दल जिले में प्रवेश कर दिया गया है। इस क्षेत्र में हाथियेां के दल द्वारा खलिहानों में रखे किसानों के फसलों को नुकसान पहंुचाने की जानकारी है इसके अलावा किसी अन्य तरह की नुकसान होने की जानकारी नही मिल पायी है। कटाई मिसाई के सीजन में हाथियों के दल खड़गवॉ जनपद क्षेत्र के कोटेया बीट अंतर्गत के ग्रामीण क्षेत्रों में होने से क्षेत्र के लोगो मे हाथियों के दल पहुचने के कारण डर का माहौल बना हुआ है। वन विभाग के कर्मी हाथियों पर निगरानी रखे है तथा प्रभावित, क्षेत्र के ग्रामीणों को हाथियों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है तथा किसी भी प्रकार से हाथियों को छेड़छाड़ नहीं करने की हिदायत भी दी जा रही है।

जशपुर में भी पहुंचा झुंड
जशपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों किसान साल भर के कमाई को एकत्रित करने में लगे हैं। कई किसान अपने धान के फसलों को कटाई कर खलिहान तक पहुंचा लिए हैं तो कहीं कटाई चल रही है। खेतों में कटे झान पड़े हैं। अब क्षेत्र में क्षेत्र में 15 से 20 जंगली हाथियों के झुण्ड के आ जाने से किसानों के साल भर के मेहनतों पर खतरा मंडराने लगा है। ज्ञाती हो कि बीते दिनों दोन्द्रोघाट में हाथियों ने खेतों पर कहर बरपाया। यहां के लिनुश टोप्पो / अल्फोन्स टोप्पो के खेतों में पड़े धान को नुकसान पहुंचाया। दोन्द्रोघाट के ही अजित कुजूर / तरसियूस कुजूर के बगान में लगे तीन पट्टी आलू को चट कर गया और बगान में चारों तरफ लगाये गये केला के पेड़ों को उखाड़ के नष्ट कर दिया और बगान के अहाता को तोड़ बर्बाद कर दिया। रुडोल / सिरिल के खेत में रखा धान ही गायब हो गया।वहीं क्षेत्र में दर्जनों किसान के अरहर,कुर्थी,गूंजा सहित कई फसल को अपने पैरों से रौंद दिया है।

वन विभाग का पता नही
वन विभाग को सूचित करने पर भितघरा से केदार यादव तुरंत आ गए और किसानों की फसलों का लेखा जोखा कर लोगों को जंगल न जाने और छेड़छाड़ न करने की सलाह देकर अपने अधिकारी को सूचित तो कर दिए। परंतु वन विभाग के जिम्मेदार लोग दिन भर में भी अपनी उपस्थिति नहीं दे पाए। इधर पंडरीपानी, दोन्द्रोघाट,रमसमा और भुरसाढाब के बीच छोटे से जंगल में दिन भर चारों तरफ से घेरे रहे और लोग गुलेल से मारते रहे ।सभी रात को अपने क्षेत्र में न आये इस उद्देश्य से दिन भर हल्ला गुल्ला और पटाखे फोड़ते रहे। क्षेत्र में अचानक हाथी के आ जाने से दहशत हैं। 10 से 15 हाथी के इस दल में छोटा बच्चा होने के साथ दंतैल के भी होने की सूचना है।

सूरजपुर में भी 50 हाथियों का दल
खबर है कि वन मंडल सूरजपुर के लटोरी सर्किल के मोहनपुर, मंजीरा बीट में हाथियों के एक बड़े झुंड का जमावड़ा है। इस झुंड से हरीपुर, मोहनपुर, ब्रिजनगर, और तुलसी गाँव के रहवासी प्रभावित हो सकते है। इस झुण्ड में हाँथीयों की संख्या लगभग 50 बताी जा रही है। आज दोपहर तक हांथीयों की वर्तमान स्थिति कक्ष क्रमांक : P- 2551, 2552 मोहनपुर के जंगलों से निकलकर वापस मोहनपुर के जंगल कक्ष क्रमांक : P- 2551, 2552 में प्रवेश कर विचरण कर रहे है।जिसका जाने का संभावना मोहनपुर, हरीपुर,चंदरपुर,सुखदेवपुर, बोझा,सुंदरगंज,ब्रिजनगर,तुलसी के नजदीकी ग्रामों क्षेत्रों पर हो सकता है।