धान के खेतों में आ धमके हाथी, जान बचाने भागता किसान जख्मी

कोठारी वन परिक्षेत्र के वन ग्राम कोठारी के खेतों में हाथियों का दल

रजिंदर खनूजा, पिथौरा| महासमुंद जिले के पिथोरा इलाके से सटे बलौदाबाजार जिले  के कोठारी वन परिक्षेत्र के वन ग्राम कोठारी में वन्य प्राणियों से धान फसल की सुरक्षा हेतु पहुंचे किसान अचानक खेत पहुचे हाथियों के दल को देख जान बचाकर रात के अंधेरे में भागते घायल हो गया।उसे शारीरिक चोंटे आई है तथा बाएं हाथ फ्रेक्चर होनें की अंदेशा ब्यक्त होनें पर आर्थिक सहायता कर वन विभाग रेंजर नें अस्पताल पहुंचाया है।जहां की उसका उपचार जारी है।
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार की रात ग्राम कोठारी का कृषक चैनसिंह पिता शुकदेव बरिहा 51 वर्ष हमेशा की तरह जंगल से सटा कक्ष क्रमांक 221 जो ग्राम की आबादी भूमि से करीब 200 मीटर दूरी पर है । उक्त किसान सुअर आदि से फसल बचाने मचान पर रखवाली कर रहा था कि अचानक मंगलवार की रात करीब 2 से 2,30 बजे रात्रि को अचानक खेत में हाथियों के झुंड को आते देखा ।

किसान  तुरन्त मचान से उतर कर भागा जिससे उसे शाररिक चोटों के साथ बांया हाथ फेक्चर होनें का अंदेशा ब्यक्त किया गया ।घटना की सूचना परिक्षेत्र अधिकारी कोठारी पवन सिन्हा को मिलनें पर तत्काल इसकी सूचना अधीक्षक अभयारण्य बार नवापारा आर एस मिश्रा को दिया । जिसके निर्देश पर तुरन्त गांव पहुंचे तथा 2000 रुपये की आर्थिक सहायता कर शामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसडोल पहुंचाया ।

बताया गया है कि किसान  की उपचार के बाद हालात सामान्य है ।रेंजर सिन्हा नें आश्वस्त किया है कि जरूरत पड़ने पर विभाग की ओर से आर्थिक मदद की जाएगी ।

ज्ञात हो कि बार एवम कोठारी क्षेत्र में हाथियों की लगातार आमद होती रहती है।यदा कदा इन हाथियों द्वारा किसानों की फसल  भी नुकसान की जा रही है।हाथियों से बचने के लिए ही इस क्षेत्र के अनेक किसानों ने अपने खेत के आसपास अपनी फसल की चौकसी हेतु बड़े पेड़ो के ऊपर ही लकड़ी का मचान बनाया गया है।जिससे वे हाथियों के आने से स्वयम को बचा सके।परन्तु हाथियों के झुंड को देख कर उक्त किसान मचान से उतर कर भाग रहा था।आनन फानन में भागता किसान गिरने से घायल हो गया है।