कोरिया का मनेन्द्रगढ़ जनपदः 10 माह बाद भी दर्जनों गोठान अधूरे

अफसर का दावा कहीं अधूरा नहीं, किसान कहते हैं-न पानी न चारा, कैसे भेजें मवेशी

बैकुंठपुर। प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम पंचायत क्षेत्रों में गोठान निर्माण के लिए लाखों खर्च कर रही है लेकिन कोरिया जिले में गोठानों की हालत लाखों रूपये खर्च करने के बाद भी दयनीय है। कई जगह अधूरे हैं। निर्माण कार्य को देखने के लिए जिला पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों को समय ही नहीं है जिस कारण जिले के कई पंचायतों में मनमाने तरीके से राशि खर्च हो रही है गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे है।वहीं कई मजदूरों को उनकी मजदूरी नहीं मिल पाई है। वहीं अफसर गोठान पूरा होने का दावा करते हैं जबकि तस्वीरें सच्चाई को बयां कर रही हैं। मनेन्द्रगढ़ के ग्राम पंचायत मुसरा में कार्य करा रहे सचिव राकेश यादव का कहना है कि थो़ड़ी देरी जरूर हुई है, आगामी 15 दिन में गोठान बनकर तैयार हो जाएगा।


इधर जनपद पंचायत मनेन्द्रगढ़ के सीईओ एके निगम का कहना है कि गोठान के सारे घटक पूरे हो चुके है कोई निर्माण अधूरा नहीं है।

कोरिया जिला पंचायत की लापरवाही के कारण दूरस्थ पंचायतों में तो और भी मनमानी कायम है। मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट को जिला पंचायत ने स्वीकृति देकर अपना पल्ला झाड लिया है, 10 माह बीत चुके हैं आज भी दर्जनों गोठान अधूरे हैं। निर्माण कार्य भी गुणवत्ताहीन होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। इसी तरह का हाल मनेंद्रगढ जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत मुसरा की है। जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत मुसरा में गोठान निर्माण कार्य के लिए 19 लाख रू राशि स्वीकृत की गयी। जिसके बाद बीते मार्च माह में गोठान का निर्माण कार्य शुरू किया गया और आज नौ माह पूरा हो जाने के बाद भी गोठान निर्माण का कार्य पूरा नहीं हो पाया है।
गोठान में कई कार्य को जैसे तैसे पूरा किया जा रहा है। वहीं इस गोठान में आज तक कभी भी कोई मवेशी नहीं पहुंच पाए है। ग्रामीणों की माने तो जब तक मवेशियों के खाने की व्यवस्था नहीं होगी, वो अपने जानवर कैसे गोठान में भेजेगे। उनका कहना है कि साल भर में गोठान में काफी धीमी रफ्तार से चल रहे कार्य के कारण पता नहीं कब गोठान पूरा हो पाएगा। इसके अलावा गोठान में जल संसाधन विभाग द्वारा बनाया जाने वाली टंकी आज तक नहीं बनी है, तो कई तरह की सुविधाओं का अभाव है। यदि इसी तरह की लापरवाही रही तो एक साल में भी गोठान निर्माण कार्य पूरा नही हो पायेगा।

ज्ञात हो कि कार्य करने की समय सीमा निर्धारित है लेकिन पंचायतों को निर्माण एजेंसी बनाया गया है जिनके द्वारा कार्यों को समय सीमा में पूरा कराने की दिशा में ध्यान नहीं दिया जा रहा, यही कारण है कि जिले के दूरस्थ क्षेत्रों के पंचायतों में कई माह बीत जाने के बाद भी गोठान का निर्माण नहीं हो पाया है जिसके चलते शासन की मंशानुसार ग्रामीणों को गोठान का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

कार्य में लगे मजदूरों को नहीं मिली मजदूरी
जानकारी के अनुसार मनेंद्रगढ़ जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम पंचायत मुसरा में स्वीकृत गोठान निर्माण कार्य आधा अधूरा है निर्माण कार्य शुरू हुए 9 माह बीत गये। इस दौरान की मजदूरी की राशि नहीं मिलने की शिकायत ग्रामीणों द्वारा की गयी। गोठान निर्माण कार्य में लगे कई मजदूरों को उनकी मजदूरी की राशि महीनों से नहीं दी गयी है। मजदूरों द्वारा मजदूरी की राशि की मांग की जाती है तो सरपंच सचिव द्वारा आजकल करते अनावश्यक रूप से मजदूरों को घुमाया जाता है।

सड़क पर नहीं चला बेलन
मुसरा के गोठान तक जाने के लिए मिट्टी मुरूम सड़क का निर्माण किया गया है, जो हल्की बारिश में बड़े- बड़े गढ्ढों में तब्दील हो गई, दरअसल, मिट्टी के बाद सड़क में मुरूम डालना था, परन्तु सचिव की माने तो मुरूम नहीं मिलने के कारण पत्थर और दूसरी काली हार्ड मिट्टी डालकर बनाई गयी है, वहीं उन्होंने बताया कि सड़क का निर्माण 14वें वित्त से कराया गया है।