खरीद-फरोख्त का डर – सभी कांग्रेसी पार्षद भ्रमण पर 

धमतरी के गंगरेल तथा राजिम भ्रमण का भी कार्यक्रम 

जगदलपुर | 4 जनवरी 2020 को होने वाले महापौर चुनाव के लिए खरीद-फरोख्त के डर से कांग्रेस के बड़े नेताओं ने सभी 28 पार्षदों और एक निर्दलीय राजेश रॉय को शहर से अंडरग्राउंड करा दिया है। शनिवार की रात सभी पार्षदों को राजधानी भेजा गया है। जानकारी मिल रही है की रायपुर जाने पहले रविवार दिन भर उन्हें गंगरेल बाँध घुमाया गया,पार्षदों  के साथ क्षेत्रीय विधायक रेखचन्द जैन,चित्रकूट विधायक राजमन बेंजाम,शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव शर्मा तथा मिथलेश स्वर्णकार सहित अन्य कांग्रेसी नेता साथ में हैं। सभी 29 पार्षदों को धमतरी के बाद राजिम और फिर रायपुर के किसी होटल में ठहराये जाने की सूचना मिल रही है।

4 जनवरी को जगदलपुर लौटेगा पार्षदों  का दल 
विपक्षी दल नगर निगम जगदलपुर के कई पार्षदों के संपर्क में थे और मामला करीब करीब सेट हो चुका था। भारतीय जनता पार्टी को महज7 पार्षदों की आवश्यकता है और पार्षदों के द्वारा क्रास वोटिंग किए जाने की स्थिति में नगर निगम जगदलपुर में महापौर का पद भाजपा को चली जाती,इसी डर को भापंते हुए कांग्रेसी नेताओं ने अपने पार्षदों को सुरक्षित करना ही उचित समझा और रात के अंधेरे में सभी 29 पार्षदों को रायपुर भेज दिया गया। सूत्र बताते हैं कि पार्षदों पर लंबा दांव लगाया जा रहा था और यह कांग्रेस के लिए किरकिरी साबित हो सकती थी। लिहाजा सभी पार्षदों को शहर से बाहर ले जाना ही उचित समझा गया। 4 जनवरी को पार्षदों को जगदलपुर लाया जाएगा और इसी दिन कलेक्टोरेट के प्रेरणा कक्ष में महापौर तथा निगम अध्यक्ष के लिए वोटिंग होगी। उसके बाद जगदलपुर को नया महापौर मिल जाएगा और सदन को अध्यक्ष।

भाजपा भी निगम सरकार बनाने की जुगत में 
खरीद फरोख्त के डर से कांग्रेस अपने पार्षदों को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास में जुटी है तो वहीं विपक्षी दल भी इस कयास में लगी हुई है कि पार्षदों को अपने पक्ष में किया जाए.और वे इस प्रयाश में जुटे भी है। 24 दिसंबर को संपन्न हुए मतगणना में कांग्रेस को 28 पार्षद मिले जबकि एक निर्दलीय और 19 पार्षद भाजपा के चुने गए। निकाय चुनाव संपन्न होने के बाद से ही विपक्षी दल लगातार कांग्रेसी पार्षदों के संपर्क में थी और कई पार्षद के साथ मुलाकात का दौर भी चल रहा था। जब कांग्रेस को यह अहसास होने लगा कि पार्षद इधर उधर जा सकते हैं तो बिना देरी किए सभी पार्षदों को राजधानी रायपुर भेज दिया गया।

वहीं दूसरी ओर अन्य जिलों के पार्षदों को जगदलपुर भेजा गया है बीती रात ही तिल्दा नेवरा सहित अन्य नगर पालिका परिषद के पार्षद यहां 4 होटलों में ठहरे हैं। ख़ास बात पुरे मामले में ये है की सभी पार्षदों  के मोबाइल ऑन है और बड़े नेता फोन रिसीव नहीं कर रहे।