पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने भूपेश सरकार पर लगाया अराजकता फ़ैलाने का आरोप

शराब दुकान खोलना तपस्या को भंग करने जैसा - रमन

प्रदीप मेश्राम,राजनांदगांव | छत्तीसगढ़ में शराब दुकान खुलने के बाद राजनितिक सरगर्मियां तेज हो गई है। विपक्ष को अब बैठे बिठाये राज्य सरकार को घेरने का मौका मिल गया है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर शराब कारोबार को प्रारंभ करने की अनुमति देकर एक तपस्या को भंग करने जैसा कृत्य करार दिया है। उन्होंने कहा कि 40 दिन से अधिक हो गए संपूर्ण भारत में लॉकडाउन लागू है। ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकार ने सीमित लाभ के लिए शराब की सरकारी दुकानों को खोलकर पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया।

रमन पहुंचे राजनांदगांव
राजनांदगांव अपने विधानसभा क्षेत्र पहुंचकर डॉ रमन सिंह ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि पूरा प्रदेश भूपेश सरकार के राज में अराजकता से दौर गुजर रहा है। कोरोना संक्रमण से निपटने के बजाय शराब दुकानों के जरिए सरकार कमाई करने के मूड में है। उन्होंने कहा कि सरकार यदि तीन माह तक शराब दुकानों को बंद रखे तो मात्र 3 सौ करोड़ रुपए का ही नुकसान होगा, जो कि कुल बजट के अनुसार 05 प्रतिशत है।

वादा खिलाफी सरकार – डॉ.रमन
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के वक्त अपने चुनावी जनघोषणा पत्र में छत्तीसगढ़ की जनता के साथ वादा किया था और यह वादा था कि सत्ता में आते ही छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पहला काम करेगी वो है छत्तीसगढ़ में पूर्ण शराब बंदी। गंगाजल हाथ में लेकर राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी की उपस्थिति में उसने कसम ली थी और राहुल गांधी ने भी कहा कि शराब बंदी होगी। एक माह में क्रियान्वित नहीं होगा तो मुख्यमंत्री बदल देंगे। आज जनता पूछ रही है कि डेढ़ साल से ज्यादा समय हो गया, पूर्ण शराब बंदी का क्या हुआ। लॉकडाउन के 40 दिन के बाद तीसरे चरण में 17 मई तक लॉकडाउन है। उसके बाद भी अपने वादा को तोड़ते हुए फिर शराब दुकान को खोलने का काम कांग्रेस ने जिस तरह से किया है। मुझे गलता है कि आज सोशल डिस्टेंसिंग के नियम की धज्जी उड़ रही हैं। एक दुकानदार के दुकान में 4 लोग खड़े हो जाते हैं तो एफआईआर हो जाता है। एक व्यक्ति सड़क किनारे सब्जी खरीदने में 5-7 लोगों की संख्या बढ़ जाती है तो पुलिस उसको अरेस्ट कर लेती है। मगर शराब दुकान में सरकार के संरक्षण में पुलिस की उपस्थिति में सैकड़ों-हजारों लोग लाईन लगा रहे हैं न किसी शराब दुकान के उस सेल्समेन के ऊपर एफआईआर हुआ, न शराब लेने वालों के खिलाफ एफआईआर हुआ। तो सरकार को धारा 144 को समाप्त कर देना चाहिए।

भाजपा करते रहेगी विरोध-डॉ.रमन
सोशल डिस्टेंसिंग का पाठ पढ़ाकर जनता को 40 दिन तक आपने दुनिया से काटकर रखा और जब आपके पैसे का सवाल आया थोड़े से पैसे का सवाल आया तो आपने सारे कायदा-कानून को ताक में रखकर लोगों को सारे कायदे कानून को तोडऩे की अनुमति दी। इसका विरोध भारतीय जनता पार्टी करती है और हमारा स्पष्ट मत है कि सरकार को आने वाले समय में जब तक कोरोना का संकट है,ये शराब बंदी को कर नहीं पाएंगे। लगता है कि यह घोषणा जनता के साथ किया गया वादा का विश्वासघात होगा। कम से कम तीन माह कोरोना का संकट है, तब तक तो कम से कम शराब को न बेचे। जहां तक अर्थव्यवस्था का सवाल है कि एक लाख 20 हजार करोड़ के बजट में 55 सौ करोड़ टोटल राजस्व होता है। तीन माह बंद कर देंगे तो मुश्किल से 3 सौ करोड़ रुपया का नुकसान होगा।

कानून की उडी धज्जियां-डॉ. सिंह
डॉ. सिंह ने कहा कि शराब कारोबार की वजह से प्रदेश में कानून की धज्जियां उड़ रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के गृहग्राम से एक सब इंस्पेक्टर द्वारा शराब की तस्करी किए जाने का मामला यह बताता है कि शराब का कारोबार पुलिस और सरकार के संरक्षण में बेधड़क चल रहा है। उन्होंने कहा कि शराब दुकान खुलने से प्रदेश में हत्याएं और घरेलू हिंसा के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सत्तारूढ़ दल के नेता खुलेआम शराब तस्करी कर रहे हैं। लोरमी, कवर्धा और राजनांदगांव में कांग्रेस के नेताओं द्वारा ही शराब तस्करी की जा रही है। पुलिस जांच में यह बात भी सामने आ रही है, लेकिन राजनीतिक दबाव के कारण नेताओं पर कार्रवाई नहीं हो पाई।

कोरोना के मामलों में बढ़ोत्तरी-डॉ. सिंह
डॉ. सिंह ने कहा कि क्वारेंटाईन और आईसोशलन में हो रही चूक के कारण प्रदेश में कोरोना के मामलों में बढ़ोत्तरी हो रही है। इसके लिए उन्होंने जिलों के कलेक्टरों और शासन को दोषी ठहराया है। डॉ. सिंह ने यह भी आरोप लगाया है कि शराब का विरोध करने वालों को सरकार द्वारा जेल भेजा जा रहा है। प्रदेश की महिलाओं में सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर रोष व्याप्त है।

पत्रकारवार्ता में पूर्व मंत्री लीलाराम भोजवानी, वरिष्ठ भाजपा नेता खूबचंद पारख, जिलाध्यक्ष मधुसूदन यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष संतोष अग्रवाल समेत अन्य भाजपा नेता शामिल थे।

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