फ़ोरम का फैसला : इलाज का पौने 2 लाख देगी बीमा कंपनी

मानसिक क्षतिपूर्ति भी अदा करे-फोरम

दुर्ग। बीएसपी से सेवानिवृत्त कर्मी व उनकी पत्नी का कंपनी की ओर से नेशनल इंश्योरेंस कंपनी द्वारा मेडिक्लेम पॉलिसी जारी की गई थी, परंतु अस्पताल में भर्ती होकर इलाज करवाने पर भी मेडिक्लेम की राशि नहीं दी गई। इससे परिवादीगण को परेशानी उठानी पड़ी थी।
परिवादी द्वारा फोरम में वाद दायर किया गया था। फोरम के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल ने परिवादी के पक्ष में फैसला दिया। फोरम ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी आकाश गंगा सुपेला के मंडल प्रबंधक को आदेश दिया कि वह परिवादीगण को इलाज का खर्च 1,6 7,741 रुपए, मानसिक क्षतिपूर्ति के एवज में 20 हजार एवं वाद व्यय खर्च के 1 हजार रुपए अदा करें।

नेहरू नगर निवासी बीएसपी से सेवानिवृत्त कर्मी जगदीश सिंह जोरावंशी एवं उनकी पत्नी मंजरी माला जोरावंशी का स्टील अथारिटी ऑफ इंडिया लि. के अधिकृत अधिकारी बीएसपी द्वारा नेशनल इंश्योरेंस कंपनी द्वारा मेडिक्लेम पालिसी बनवाई गई थी, जिसकी प्रीमियम राशि भी परिवादी द्वारा भरी गई थी। वर्ष 2008 से मंजरीमाला को यूरोलाजिकल समस्या थी। इसके कारण उन्हें जवाहर लाल नेहरू हॉस्पिटल में भर्ती भी किया गया था। 6 अक्टूबर 2014 को कोलोनोस्कोपी की जांच करवाने की बात अस्पताल के डॉक्टरों ने की। बाद में गंभीर स्थिति को देख उसे लीलावती हॉस्पिटल मुंबई ले जाने की सलाह दी गई।
परिवादी ने अपनी पत्नी को लीलावती हॉस्पिटल में भर्ती करवाया। न्यूरो व गेस्ट्रो की समस्या का इलाज व अन्य जांच के बाद 10 अक्टूबर 2014 को डिस्चार्ज किया गया। हॉस्पिटल का बिल 1,53,356 रुपए आया था। जब परिवादी ने सभी दस्तावेज कंपनी में जमा किए, तब कंपनी द्वारा मेडिक्लेम राशि देने से इंकार कर दिया था