गढ़चिरौली का नक्सली मिलिट्री कमांडर इन चीफ ने किया आत्मसमर्पण

साढ़े नौ लाख के ईनामी नक्सली ने 20 साल तक किया दलम में काम

प्रदीप मेश्राम,राजनांदगांव | नक्सल मोर्चे में गढ़चिरौली पुलिस ने नक्सलियों के मिलिट्री कमांडर इन चीफ को मुख्यधारा में लाकर एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। उत्तर और दक्षिण नक्सल संगठन का मिलिट्री चीफ इन कमांडर विलास कोल्हाचे ने एके-47 हथियार के साथ आत्मसमर्पण कर नक्सलियों को जोरदार झटका दिया है।

आत्मसमर्पित नक्सली पर था इनाम
गढ़चिरौली पुलिस आत्म समर्पण को बड़ी सफलता के रूप में देख रही है। खास बात यह है कि 20 साल से नक्सली रहे विलास पर करीब 9 लाख 50 हजार रुपए का ईनाम भी घोषित है। राजनांदगांव के सरहदी क्षेत्र टीपागढ़ दलम में कमांडर रहा विलास हाल ही के वर्षों में नक्सलियों के शीर्ष नेतृत्व का भरोसेमंद नक्सली बन गया था। लिहाजा संगठन ने उत्तर और दक्षिण डिवीजन के कमांडर इन चीफ के पद पर विलास को जिम्मेदारी सौंपी थी। बताया गया है कि राजनांदगांव पुलिस भी सरेंडर नक्सली विलास से पूछताछ करने की तैयारी में है। अत्याधुनिक हथियार एके-47 के साथ समर्पण करना पुलिस दोहरी कामयाबी भी मान रही है। इस संबंध में गढ़चिरौली एसपी शैलेष बलकवड़े ने बताया कि विलास कोल्हाचे एक बड़ा नक्सली लीडर रहा है। वह उत्तर व दक्षिण डिवीजन में बतौर कमांडर इन चीफ के तौर पर सक्रिय रहा है।

बताया जाता है कि विलास वर्तमान में नक्सलियों के शीर्ष नेतृत्व के नजदीक रहा है। नक्सली संगठन में उसकी पकड़ मजबूत रही है। बताया गया है कि सरेंडर नक्सली पर ड़ेढ सौ से ज्यादा आपराधिक मामले गढ़चिरौली में दर्ज हैं। इसके अलावा वह कांकेर और नारायणपुर क्षेत्र में भी उसने आपराधिक घटनाओं में शामिल रहा है। उस पर 9 लाख 50 हजार रुपए का ईनाम भी घोषित था। साथ ही वह कई मामलों में वांछित भी रहा है। बताया जाता है कि 2002 में वह एटापल्ली दलम में शामिल हुआ। बाद में उसने उत्तर डिवीजन में उप कमांडर के पद में 2004 तक कार्य किया। 2005 से 2008 तक टीपागढ़ और चातगांव दलम में कमांडर रहा। 2008 से 2010 तक टीपागढ़ डीवीसी मेम्बर भी रहा। बताया जा रहा है कि राजनांदगांव पुलिस को पूछताछ में सरेंडर नक्सली से कई खुफिया जानकारियां मिल सकती है। पुलिस जल्द ही पूछताछ के लिए गढ़चिरौली जाएगी।