आदिवासी बुढ़ालपेन के वार्षिक सेसा पण्डुम कार्यक्रम में शामिल हुई राज्यपाल उइके

कांकेर | आदिवासी समुदाय की देव परम्परा अनुष्ठान जात्रा में शामिल होने आज छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुइया उइके कांकेर पहुँची। आदिवासी समाज ने पारंपरिक तरीके से किया राज्यपाल की स्वागत किया। इस दौरान हजारो की संख्या में पहुँचे ग्रामीण जात्रा में शामिल होने टेमरूपानी पहुचे थे। जात्रा में भाजापा पूर्व विधायक भोजराज नाग भी जमकर झूमे।

जात्रा में आईं राज्यपाल ने आदिवासियों की परंपरा की सराहना कहा कि यह इलाका काफी संवेदनशील है ,ऐसे इलाको का विकास होना बेहद जरूरी,राज्यपाल ने बस्तर के पत्रकारों के कार्य को भी सराहा। उन्होंने कहा कि जान जोखिम में डालकर यहाँ के पत्रकार सच बाहर लाते है। सुश्री उइके का बयान बस्तर के पत्रकारों और नक्सलियों के बीच जारी गतिरोध के बीच आया है। राज्यपाल के दौरा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये थे। वहीं बीहड़ो मे राज्यपाल अनसुइया उइके को पा कर यहां के वनवासी काफी खुश थे। पहली बार कोई राज्यपाल जात्रा में शामिल होने आदिवासियों के बीच पहुँची थीं।

राज्यपाल अनसुइया उइके ने ये भी कहा की मैं एक आदिवासी घर की बेटी हुँ जो काफी संघर्ष के बाद इस मुकाम तक पहुँची हुँ। आदिवासी कभी चोरी नही करता न ही भीख मांगता मुझे आदिवासी होने गर्व है। कांकेर पहुँची राज्यपाल ने यहां के स्थानीय लोगो, जनप्रतिनिधियों से भी मिली कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वे सड़क मार्ग से रायपुर के लिये रवाना हो गई।

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प्रकाशित
Swaroop Bhattacharya

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