बारनयापारा अभ्यारण में हथिनी माँ बनी,शावक संग घूम रही

रजिंदर खनूजा,  पिथौरा| महासमुंद जिले की सरहद से लगे वन मंडल बलोदा बाज़ार के अंतर्गत बारनयापारा अभ्यारण क्षेत्र के समीप कोठारी परीक्षेत्र अंतर्गत सप्ताह भर पूर्व एक हथिनी ने एक बच्चे को जन्म दिया है।अब उक्त हथिनी अपने बच्चे की सुरक्षा एवम भोजन पानी के लिए आसपास घूम रही है।भूख में कभी कभी इस हथिनी की चिंघाड़ भी ग्राम तक पहुच रही है जिससे ग्रामीणों में भय व्याप्त है।
मिली जानकारी के अनुसार कोठारी वन परिक्षेत्र कार्यालय के समीप से अचानकपुर मार्ग पर बया कसडोल मुख्य मार्ग से कोई आधा किलोमीटर दूरी पर एक हथिनी ने कोई सप्ताह भर पहले एक बच्चे को जन्म दिया है।जिसके कारण उक्त मादा हाथी पूरे जंगल में चिघड मार रही है। हथिनी की चिंघाड़ से कोठारी ग्राम निवासी ग्रामीण भारी भयभीत हैं। अपने घरेलू कार्य से भी वे डर कर जंगल की ओर नही जा पा रहे हैं।
ज्ञात हो कि इस समय जंगल में लकड़ी कटाई का समय है।जिससे क्षेत्र में भारी मात्रा में बांस एवम अन्य प्रजाति की लकड़ियों की भारी मात्रा में शासकीय कटाई की गई है। जिसे जंगल से निकालकर स्थानीय वन काष्ठागार में परिवहन किया जाता है मगर मादा हाथी के बच्चे देने से ग्रामीणों के साथ वन अमला भी भयभीत है।

ज्ञात हो   विगत कुछ वर्षो से (देखें वीडियो )इस क्षेत्र में भारी  संख्या में जंगली हाथी आ रहे है। जिसके चलते यदाकदा दिन में भी सड़क पर गांव के आसपास हाथी दिखाई दे जाते हैं।क्षेत्र में कोई 30 से 40 हाथी विचरण कर रहे हैं। क्योंकि यह क्षेत्र बांस से भरपूर क्षेत्र है और जंगल के भीतर पानी की पर्याप्त मात्रा में होने से जंगली हाथी यहीं पर डेरा डाल दिए हैं। जिसके कारण आए दिन ग्रामीणों का हाथियो से सामना होते रहता है।
 एक हाथी करंट से मारा गया था
विगत छह माह पूर्व पिथौरा वन परिक्षेत्र में ही परिवार बढ़ा कर अपने कॉरिडॉर में रहने वाले हाथी परिवार का एक हाथी विद्युत करंट से मारा गया था।इसके बाद अपने मासूम शावक को लेकर जिस तरह हथिनी वापस ओडिसा की ओर भागी थी उस दृश्य को देख कर ग्रामीणों की आंखे भर आयी थी।

अब पुनः हाथियों के परिवार में एक सदस्य की वृद्धि हुई है।एक ओर हाथी परिवार अपने नए मेहमान का पालन पोषण करने कुछ भी करने तैयार है वही जंगलो से हाथियों के भोजन के फल फूल का दोहन लगातार हो रहा है जिससे मानव हाथी द्वंद की संभावना बढ़ गयी है।