‘हत्या एक आकार की’ नाटक का छत्तीसगढ़ के रायपुर और धमतरी में मंचन

नाटक से युवा दर्शक हुए खासे आकर्षित

रायपुर | छत्तीसगढ़ के रायपुर में पिछले दो दिनों से ‘हत्या एक आकर की’ नाटक का मंचन किया गया. अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन और छत्तीसगढ़ फिल्म एंड विसुअल आर्ट सोसाइटी द्वारा आयोजित यह नाटक रायपुर में वृन्दावन हॉल और पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में और धमतरी में भी इसका मंचन हुआ. दर्शकों में युवा भी शामिल हुए.

नाटक को मिली सराहना
ललित सहगल द्वारा लिखित इस नाटक परिकल्पना और निर्देशन अभिषेक और स्वप्निल ने किया है. वहीँ इस नाटक में मंच और मंच के पीछे जिन कलाकारों ने किरदार निभाया है वे हैं- कमलेश कुमार बैरवा, निशांत कुमार, अनुर्जन शर्मा, योगेश सोनी, राजेश कुमार गुर्जर, निखिल शर्मा, सोमेश सोढा, और विजय प्रजापति. इस नाटक ये सारे कलाकार और निर्देशक जयपुर से आये हैं. इस नाटक का आयोजन अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन ने किया. गौरतलब है इस साल हमारा देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया गाँधी जी की 150 विन वर्ष गांठ मना रहा है और अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन लगातार गाँधी जी से जुड़े कार्यक्रमों का सिलसिला जारी रखा है. इसी क्रम में इस नाटक का आयोजन किया जा रहा है.

ये है नाटक की संक्षिप्त कहानी
राजनैतिक असहमति के चलते 30 जनवरी 1948 को एक महान आदमी की हत्या का षड़यंत्र करने के लिए चार लोग एक अज्ञात स्थान पर एकत्र होते हैं. वे उस पर आरोप लगाते हैं की वह देश के बहुसंख्यकों के स्वार्थ को बलि दिया और वह देश विभाजन के लिए जिम्मेदार है. उसके सत्य, अहिंसा और साम्प्रदायिक सद्भाव आदि नारों ने उनके विचार के राष्ट्र को कमजोर करदिया है. वह अपने इन नारों और विचारों से जनता पर ऐसा जादू करदिया है कि जान से मारकर ही चुप किया जा सकता है. और ये चार लोग उसकी हत्या के मिशन पर निकलने वाले होते हैं की उनमें से एक को लगता है की वह जो करने जा रहे हैं वह शायद सही नहीं है. ये चारों लोग अपने मिशन पर निकलने ही वाले हैं कि उनमें से एक को संदेह होने लगता है कि मिशन सही है या ग़लत? उसे मनाने की तमाम कोशिशें नाकाम हैं क्योंकि वह चाहता है कि किसी को प्राणदंड देने के पहले अपराध और दंड पर गंभीर विचार हो। आख़िरकार तय होता है कि एक मुक़दमे का अभिनय किया जाए। उसके तर्कों के सामने बाकिओं के तर्क बौने पड जाते हैं इसके बावजूद उसकी हत्या करदी जाती है. और अंत में उनमें एक जो उसकी पैरवी कर रहा होता है वह कहता है ‘तुमने केवल एक आकार की हत्या की है……मूर्ख।’