आख़िरकार 5 दिन बाद कोबरा जवान रिहा

धर्मेन्द्र महापात्र, बीजापुर|  बीजापुर में विगत 3 अप्रैल को मुठभेड़ के बाद  से नक्सलियों के कब्जे में रहे कोबरा जवान राकेश्वर कुमार मनहार को आखिरकार नक्सलियों ने 5 दिन के बाद रिहा कर दिया|

जवान की रिहाई के लिए पद्मश्री धर्मपाल सैनी और गोंडवाना समाज के अध्यक्ष तेलम बोरैया और बीजापुर जिले के 7 पत्रकारों को नक्सलियों ने सूचीबद्ध कर बुलाया था|

घटनास्थल जोनागुड़ा से करीब 15 किलोमीटर दूर नक्सलियों ने  जन अदालत लगाया| जहां आसपास के 20 गांव के सैकड़ों ग्रामीण इकट्ठा हुए थे|

नक्सलियों ने ग्रामीणों के बीच मानवता के नाते जवान को छोड़ने का फरमान जारी किया और किसी प्रकार की मांग छत्तीसगढ़ सरकार से नहीं की|

जबान को बकायदा जन अदालत में रस्सियों से बांधकर लाया गया था और उसे ग्रामीणों के बीच खोलकर रिहा किया गया|

जन अदालत में पहुंची समाजसेवियों और मीडिया की टीम ने कोबरा के जवान को तर्रेम थाने तक तक लाया और उसके बाद फोर्स के जवानों ने जवान को बासागुड़ा थाने तक पहुंचाया|

फिलहाल जवान बासागुड़ा कैंप में बने अस्पताल में रखा गया है|

बस्तर आईजी सुंदर राज पी. ने बताया कि जवान को डीहाइड्रेशन हो गया है उसके स्वस्थ होने तक उसे स्वास्थ्य केंद्र में ही रखा जाएगा| उसके बाद कोबरा के अधिकारी द्वारा उसे घर भेजने के लिए आगे की कार्यवाही की जाएगी|

आईजी ने बताया कि इलाके में शांति के लिए फ़ोर्स अपना काम करती रहेगी और इलाके में फिर से जोश के साथ जवान ऑपरेशन लांच करेंगे। फिलहाल जवान को बीजापुर जिले में ही रखा गया है कोबरा बटालियन के द्वारा कल सुबह या शनिवार को जम्मू भेजने की तैयारी की जाएगी।

उधर रिहा कोबरा जवान ने मिडिया को बताया की नक्सलियों ने उसे कोई नुकसान नहीं पहुँचाया| जनताना सरकार ने उसे रिहा कर दिया|

बता दें  बीजापुर के तर्रेम थाना क्षेत्र में बीते 3 अप्रैल को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई थी इसमें सुरक्षा बल के 22 जवान शहीद हो गए थे जबकि 31 घायल हैं|मुठभेड़ के बाद से ही सीआरपीएफ कोबरा बटालियन के राजेश्वर सिंह मनहास लापता थे|