जगदलपुर : निर्दलीय बिगाड़ेंगे पार्टी के प्रत्याशियों का हिसाब किताब ?

स्कूटनी में पांच नामांकन रद्द होने के बाद बागियों की मना मनौवल

जगदलपुर। जगदलपुर नगर पालिक निगम चुनाव में निर्दली प्रत्याशियों का दांव कांग्रेस और भाजपा के दावेदारों पर भारी पड़ सकता है। दरअसल पार्टी से बगावत कर निर्दली चुनावी मैदान में कूदने वाले इन प्रत्याशियों से पार्टी के टिकट धारी प्रत्याशी को सीधे नुकसान पहुंच सकता है। जिसकी वज़ह भीतर खाने में भाजपा और कांग्रेस में हुई पैराशूट लैंडिंग वाले प्रत्याशियों के खिलाफ नाराज़गी है, वहीं दिग्गज नेताओं द्वारा सालों की मेहनत को दरकिनार करने का दुःख। ऐसे में पार्टी के आला नेताओं ने इनके मान मनौवल के लिए दूत भेजना शुरू कर दिया है। हालांकि 9 दिसंबर को होने वाली नाम वापसी के बाद स्थिति और साफ हो जायेगी।
कल नगर निगम जगदलपुर के लिए चुनाव लड़ने वालों की फाइनल सूची सामने आ जाएगी। नगर निगम चुनाव के लिये कुल 190 अभ्यर्थियों ने नाम निर्देशन पत्र 6 दिसंबर तक जमा हुए थे। इनमें स्कूटनी के बाद 5 अभ्यर्थियों का नामांकन रद्द कर दिया गया। अब की स्थिति में 185 प्रत्याशी चुनाव मैदान में है।185 में से कितने अभ्यर्थी नाम वापस लेंगे यह स्तिथि कल ही स्पष्ट होगी।

5 अभ्यर्थियों का नामांकन हुआ रद्द 
जगदलपुर 7 दिसंबर को स्कूटनी के बाद प्रतापदेव वार्ड क्रमांक 11 से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी जगदीश भूरा के नामांकन में कमी खामी पाए जाने के बाद उनका नमांकन रद्द कर दिया गया। उनके फार्म से शपथ पत्र उनकी माता के नाम से था, जिसके चलते नमांकन को अमान्य घोषित कर दिया गया। इसी प्रकार मदनमोहन मालवीय वार्ड क्रमांक 11 से जनता काँग्रेस छत्तीसगढ़(जे) के नवनीत चाँद का नमांकन पत्र इस लिये रद्द कर दिया गया क्योकि उन्होंने नमांकन पत्र में निगम द्वारा जारी एनओसी समय पर जमा नहीं किया, राशि नहीं जमा करने के एवज में निगम द्वारा जारी एनओसी निरस्त कर दिया था, राशि जमा करने के बाद 7 दिसंबर को एनओसी मिला जरूर मगर तब तक काफी देर हो चुका था। आपत्ति करने वाले सूर्या पानी ने चेक बोन्स होने का हवाला भी दिया, खाते में राशि नही होने के बावजूद नवनीत ने निगम दफ्तर को चेक दे दिया था। ऐसी ही शिव मंदिर वार्ड क्रमांक 3 से निर्दलीय प्रत्याशी रानी चेरपा, सरदार भगतसिंह वार्ड क्रमांक 6 से निर्दलीय प्रत्याशी मीना साहू और माता संतोषी वार्ड क्रमांक 27 से  निर्दलीय प्रत्याशी सुनीता यादव का फार्म रद्द कर दिया गया है। उक्त लिखित सभी के नमांकन पत्रों में कमी खामी पाई गई थी।

ये है बागी और निर्दलीय प्रत्याशी और उनके वार्ड
बागी प्रत्याशियों की बात की जाए तो प्रवीर वार्ड क्रमांक 1 से मनीष गढ़पाले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से बागी होकर अपना नामांकन भरा है.महाराजा विजयचंद्र वार्ड क्रमांक 2 से कांग्रेस से टिकट मांगने वाली नलिनी पानीग्रही भी बागी होकर चुनाव लड़ रही हैं.इसी प्रकार शिव मंदिर वार्ड से भारतीय जनता पार्टी से भागी हुई रानी चेरपा चुनाव मैदान पर आने के लिए नामांकन दाखिल किया था मगर उनका नमांकन पत्र में कमी खामी के चलते रद्द कर दिया गया.वार्ड क्रमांक 5 वीरसावरकर में जोगेश्वरी राव कांग्रेस से बागी हुई हैं.हालांकि उन्होंने अपने नामांकन पत्र में इंडियन नेशनल कांग्रेस का जिक्र किया है.यहां से कांग्रेस ने सपना दीवान को अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है.महापौर प्रत्याशी के तौर पर देखी जा रही दीप्ति पांडे के निर्वाचन क्षेत्र में काफी घमासान के बीच अनीता श्रीवास्तव और प्रियतमा पांडे बीजेपी से बगावत कर नामांकन दाखिल किया है.यह वार्ड काफी हाईप्रोफाइल होने जा रही है.सदर वार्ड क्रमांक 10 से मयंक नत्थानी बीजेपी से बागी हुए हैं.रविंद्र नाथ टैगोर वार्ड से सूर्या राव इंडियन नेशनल कांग्रेस से टिकट मांग रहे थे.टिकट नहीं मिलने कारण उन्होंने भी निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन भरा है.बालाजी वार्ड से हिना पारेख कांग्रेस पार्टी से टिकट चाह रही थी मगर उन्हें भी टिकट नहीं दिया गया.महारानी प्रफुल्ल कुमारी देवी वार्ड से भाजपा के तीन में से 2 प्रत्याशी बागी हुए हैं इनमें से अमित रामटेके सुभाषिनी और जितेंद्र नाग ने भी अपना नामांकन पत्र में भारतीय जनता पार्टी का जिक्र किया है.इसी प्रकार राष्ट्रीय कांग्रेस से प्रदीप भारती ने टिकट की मांग रखी थी मगर उनके जगह मणीक राम नाग को टिकट दे दिया गया इससे नाराज प्रदीप भारती ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया है.इंदिरा वार्ड से द्रोपदी ठाकुर भारतीय जनता पार्टी से टिकट मांग रही थी नहीं मिलने की स्थिति में उन्होंने भी निर्दलीय के तौर पर नामांकन दाखिल किया है.नगर निगम जगदलपुर के रमैया वार्ड में सबसे ज्यादा निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरने को तैयार है.इनमें भारतीय जनता पार्टी से टिकट मांगने वाले नवीन चन्द्र बोथरा,धनेश सिंह यादव ने निर्दलीय लड़ना ही उचित समझा,यहां चुनाव लड़ रही कमलजीत झज्ज कांग्रेसी महापौर के प्रत्याशी के तौर पर देखी जा रही है.तो वही नगर निगम में दिग्गज नेता माने जाने वाले योगेंद्र पांडे झज्ज के सामने प्रतिद्वंदी के तौर पर चुनाव मैदान में उतर रहे है.वार्ड क्रमांक 29 पंडित दीनदयाल उपाध्याय वार्ड इंडियन नेशनल कांग्रेस से बागी हुई स्वाति झा ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्दलीय प्रत्याशी के तौर नामांकन दाखिल किया है.इसी प्रकार दंतेश्वरी वार्ड क्रमांक 20 से गुड्डू सिंह बागी होकर इंडियन नेशनल कांग्रेस के प्रत्याशी विक्रम लहरे के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ने मैदान में है.गंगानगर वार्ड में भी बागियों का बोलबाला देखने को मिल रहा है.यहां राजेश राय बागी होकर रोजविन दास के खिलाफ चुनाव लड़ने का मन बना चुके हैं.वही भाजपा से टिकट मांग रहे राजकुमार गुप्ता भारतीय जनता पार्टी से बागी होकर चुनाव मैदान के लिए अपना पत्र निर्वाचन अधिकारी को सौंपा है.वार्ड क्रमांक 30 स्वामी विवेकानंद वार्ड में भी बागियों ने अपने तेवर दिखाए हैं.दो बार के पार्षद रहे राकेश मौर्य ने बागी होते हुए पंचराज सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए नामांकन दाखिल किया है.दोनों ने नांमाकन में कांग्रेस पार्टी का जिक्र किया है.सुंदरलाल शर्मा वार्ड में भी अमूमन यही स्थिति देखने को मिल रही है.वार्ड क्रमांक 39 श्यामा प्रसाद मुखर्जी में भी कांग्रेस पार्टी ने कुछ उलटफेर करते हुए समीर सेन को राजेश चौधरी को हटाकर अपना प्रत्याशी बनाया है.भारतीय जनता पार्टी से निगम के दिग्गज नेता संजय पांडे चुनाव मैदान पर हैं.डॉ ए पी जे पी अब्दुल कलाम वार्ड में भी भारतीय जनता पार्टी से भागी हुई पूर्व पार्षद मधुस्मिता कश्यप ने अपना पर्चा दाखिल किया है.इस वार्ड से कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी सुखराम नाग के खिलाफ प्रशान्त महापात्र ने नामांकन भरा है.प्रशान्त महापात्र कांग्रेसी से टिकट चाह रहे थे.वार्ड क्रमांक 48 में भी कांग्रेस के प्रत्याशी के खिलाफ पार्टी के ही रामचंद्र मोदक चुनाव लड़ने के लिए अपना नामांकन दाखिल किया है.इस वार्ड में सुनीता सिंह कांग्रेसी अधिकृत प्रत्याशी है.कुल मिलाकर नगर निगम चुनाव 2019 के लिए 68 निर्दलीयों ने अपना नामांकन दाखिल कर दोनों ही प्रमुख दलों को टक्कर देने का मन बना लिया है.अब इंतजार 9 दिसंबर सोमवार का है इन 68 निर्दलीय में से कितने नाम वापस होंगे उस दिन तय हो जाएगा,ज़्यदातर बागी कांग्रेस पार्टी के है.यह भी साफ देखा जा रहा है की 2020 के जनवरी माह में निगम प्रशासन को चलाने के लिए बैठने वाले पार्षदों में ज्यादातर निर्दलीय तो नहीं होंगे ?