कोरिया के मर्द नसबंदी के लिए आगे आ रहे…

पखवाड़े भर में 14 पुरुषों ने कराई, कई का पंजीयन

बैकुंठपुर। सरगुजा-कोरिया के वनांचल के मर्दों में भी नसबंदी के प्रति रुझान बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 28 नवंबर से 4 दिसंबर तक जिले में नसबंदी पखवाड़ा मनाया गया। इस बार महिला नसबंदी की तुलना में पुरुष नसबंदी को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया था। नतीजे उत्साहवर्धक रहे।
नसबंदी पखवाड़े में कोरिया जिले में 14 पुरुषों ने नसबंदी अपनाई इनमें से सबसे ज्यादा 10 पुरुषों ने विकासखंड जनकपुर में नसबंदी करवाई इसके अलावा कई पुरुषों ने पंजीयन भी करवाया है। पखवाड़े में जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर लाभार्थियो को परामर्श के साथ ही मेगा पुरुष नसबंदी सेवाएं भी प्रदान की गयी। सीएमएचओ डॉ. रामेश्वर शर्मा ने बताया कि अभियान के नतीजे उत्साहवर्धक रहे। सरगुजा के इस वनांचल इलाकों में जागरुकता की कमी है लोग ज्यादा पढ़े लिखे भी नहीं हैं। जिले में पिछले 6 माह में 50 मर्दों ने नसंबदी कराई। जबकि पखवाड़े भर में 14 ने। उन्होंने बताया कि संरक्षित पंडो और बैगा जनजाति के लोग भी पहुंचे थे। पर उन्हें समझाकर लौटा दिया गया। डॉ. रामेश्वर शर्मा कहा कि “महिला बांध्यकरण की तुलना में पुरुष नसबंदी का आंकड़ा बेहद कम है। परिवार नियोजन की जिम्मेदारी सिर्फ महिलाओं का की नहीं है, इसमें अधिक से अधिक पुरुषों को अपनी भागीदारी निभानी चाहिए। सभी के सहयोग से परिवार नियोजन कार्यक्रम में पुरुषों की सहभागिता बढ़ाने के लिए सभी स्तर पर व्यापक चर्चा की जरुरत है ताकि समुदाय में इसके लिए जागरूकता फैलाया जा सके।”
वे बताते हैं जिले भर में चार सारथी रथ के माध्यम से जगह जगह मुनादी कराकर लोगो को जागरूक कर, अधिक से अधिक संख्या में शिविर तक आने प्रेरित भी किया गया था। स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आशा सहयोगी व आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वाराअपने क्षेत्र में लोगों को पुरुषों की परिवार नियोजन में सहभागिता,परिवार नियोजन के उपलब्ध साधनों की जानकारी, परिवार सीमित रखने, सीमितपरिवार के लाभों, प्रश्नोत्तर परिवार कल्याण सेवाएं, गर्भपात बाद परिवार कल्याण सेवाएं, विवाह की सही आयु आदि की जानकारी दी गयी। सार्वजनिक जगहों, चैराहो, बैठकों एवं बाजारों, में नसबंदी की आवश्यकता और फायदों का प्रदर्शन किया गया। संतुष्ट लाभार्थी सम्मेलन आयोजित कर उनका सम्मान भी किया गया। जिसका उद्देश्य और ज्यादा से ज्यादा लोगो को इस कार्यक्रम से जोड़ना रहा ताकि भविष्य में भी इसके परिणाम आ सके।