कोरिया पंचायत चुनावः आग तापने के बहाने बैठकों का दौर

कई पंचायतों में पंच-सरपंच आपसी सहमति से निर्विरोध

बैकुंठपुर  कोरिया जिले में पंचायत चुनाव के लिए नाम वापसी का दिन समाप्त होने के बाद चुनावी सरगर्मी तेज हो गयी। ग्रामीण क्षेत्रों में आग तापने के बहाने बैठकों का दौर शुरू हो गया है जहां पर चुनावी चर्चा के साथ प्रत्याशी मतदाताओं को अपने पक्ष में करने में जुट गये है। जिले के कई पंचायतों में पंच-सरपंच निर्विरोध आपसी सहमति से चुन लिये गये है लेकिन जिन पंचायतों में ऐसा नही हुआ वहां ग्रामीणों को अपने पक्ष में करने की कोशिश की जा रही है।

सबसे ज्यादा सक्रियता सरपंच से लेकर जिला पंचायत सदस्य बनने के लिए जोर आजमाईस शुरू हो गयी है। जिले में तीन चरणों में चुनाव संपन्न होगा। जिसके लिए पहला चरण 28 जनवरी को दूसरा 31 जनवरी तथा तीसरा चरण आगामी माह 3 फरवरी को होगा। जिसके लिए अब कुछ ही दिनों का समय बचे होने से प्रत्याशियों द्वारा हर घर में संपर्क करने के लिए जुट गये है।

इधर, ठण्ड भी बढती जा रही है दूसरी ओर चुनावी सरगर्मी भी बढ रही है।

मतदाताओं को चिंता नही है लेकिन प्रत्याशियों की नींद उड़ गयी है। संपर्कों का दौर जोरशोर से शुरू हो गया है। गैरदलीय आधार पर होनेवाले पंचायती चुनाव को लेकर विभिन्न राजनीतिक दल के पदाधिकारी भी सक्रिय है और अपने समर्थित उम्मीदवार खड़े किये हैं जिनके पक्ष में प्रचार-प्रसार भी शुरू कर दिये है। एक तरफ प्रमुख राजनीतिक दल के समर्थन वाले उम्मीदवार खड़े है तो निर्दलीय उम्मीदवार भी मजबूती से ताल ठोकते हुए मैदान में डटे हैं। ऐसी स्थिति में समर्थित राजनीतिक दल के प्रतिष्ठा का सवाल भी बना हुआ है। जिस कारण पार्टी पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गयी है।

कांग्रेस के कई नेताओं ने नहीं लिए नाम वापस
कांग्रेस के कद्दावर नेता जिला पंचायत चुनाव में ताल ठोक कर खडे हुए है, सबसे बडा नाम बेदांति तिवारी का है, जो कुडेली क्षेत्र से मैदान में है, कांग्रेस में बड़े पदों पर रहने के साथ दो बार विधायक का चुनाव लड़ चुके श्री तिवारी को कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार नहीं बनाया। उनके टिकट वापस लेने की कयास लगाए जा रहे थे, परन्तु उन्होने मैदान नहीं छोडा है, वहीं, कांग्रेस के एक और बड़े नेता चंद्रप्रकाश राजवाडे़ भी इसी क्षेत्र से मैदान में है, राजवाडे समाज की बाहुल्यता को देखते हुए उन्होने अपना नाम वापस नहीं लिया है, जिसके बाद कांग्रेस के समर्थित उम्मीदवार अनिल जायसवाल के लिए राह बेहद चुनौतिपूर्ण दिख रही है।

वहीं कांग्रेस के वर्तमान जिला पंचायत सदस्य शरण सिंह ने भी अपना नाम वापस नहीं लिया है, वे मनेन्द्रगढ़ 2 से मैदान में है, यहां कांग्रेस के समर्थित उम्मीदवार वीरभान सिंह को वे कडी टक्कर दे रहे है।

इसके अलावा और भी कई क्षेत्र है जहां कांग्रेस को सीधे निर्दलीय के खडे होने से सीघा नुकसान होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।

आम आदमी और गोंडवाना भी कम नहीं
जनकपुर क्षेत्र क्रमांक 1 से आम आदमी पार्टी ने वर्तमान जनपद अध्यक्ष सुखवंती सिंह को मैदान में उतारा है, यहां भाजपा की पिंकी सिंह तो कांग्रेस की सुमन सिंह और गोंडवाना की फूलमति मैदान में है, आप की सुखवंति सिंह ने अवैध रेत उत्खनन को लेकर बीते एक साल तक कांग्रेस ओर अवैध रेत माफियाओं के खिलाफ जबरदस्त मोर्चा खोल रखा था, जिसके कारण कई स्थानों से अवैध रेत उत्खनन बंद हुआ तो धान खरीदी मामले में भी उन्होंने लगातार प्रदर्शन कर लोगों का ध्यान अपने ओर खीचा, यही कारण है कि आम आदमी और गोंडवाना यहां बड़ी पार्टियों को कड़ी टक्कर देते दिख रही है।

भाजपा मुकाबले को लेकर सजग
भाजपा में गुटबाजी अब सतह पर दिखने लगी है, यही कारण था कि नगरीय निकाय में भाजपा का प्रदर्शन औसत रहा, जारी जिला पंचायत चुनाव में पार्टी के कार्यकर्ता हर कीमत पर जीत के लिए जोर आजमाईश कर रहे है, कुडेली क्षेत्र से कांग्रेस के रामकृष्ण साहू के मैदान छोड़ने से भाजपा के अनिल साहू को फायदा मिलने के आसार नजर आ रहे है, वहीं सोनहत में भाजपा की सुशीला राजवाडे़, कांग्रेस की जयोत्सना पुष्पेन्द्र राजवाडे़ और गोडवाना की शिवाली सिंह में सीधी टक्कर से इंकार नहीं किया जा सकता।

इसके अलावा सलका सीट पर कांग्रेस के गणेश राजवाडे़ और भाजपा के विजय राजवाडे़ के साथ यहां गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के आन्नद राजवाडे में सीधा मुकाबला है।

कांग्रेस की साख दांव पर
कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद नगरीय चुनाव में मिली औसत जीत मिली, भरतपुर सोनहत विधानसभा में आनेवाले दो नगरीय निकायों में कांग्रेस ने अपनी सरकार खो दी। दरअसल, विधानसभा चुनाव में मिली जीत के बाद सोशल मीडिया में विकास की गाथा बताने से लोगो में कांग्रेस की काफी किरकिरी हो रही है, दूसरा नेताओं का काम करने वाले कार्यकर्ताओं और जनता से दूरी किसी से छिपी नहीं है। बीते एक साल चले अवैध रेत उत्खनन, बेहिसाब तबादले, भ्रष्टाचार के कारण सरकारी कर्मचारियों के साथ लोगों में काफी रोष देखा जा रहा है।

वहीं, धान खरीदी को लेकर ग्रामीणों और किसानों में नाराजगी है, यही कारण है कि जिला पंचायत चुनाव में कांग्रेस की साख दांव पर लगी हुई है।

11 हजार से अधिक उम्मीदवार मैदान में
पंचायती राज संस्थाओं हेतु विभिन्न पदों के लिए कोरिया जिले में नाम वापसी का अंतिम दिन 9 जनवरी के बाद 4 हजार 878 पदों में से 4 852 पदों के लिए 11 हजार  349 उम्मीदवार मैदान में है। जानकारी के अनुसार, त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए नामांकन वापसी के अंतिम दिन जिले में जिला पंचायत सदस्य के कुल 10 पद के लिए 60, जनपद पंचायत सदस्य के 91, सरपंच पद के 360 तथा 4 हजार 417 पंच पद के लिए चुनाव होने है।

सभी उम्मीदवारों को जिला निर्वाचन कार्यालय से 9 जनवरी को चुनाव चिह्न आबंटित कर दिया गया।

संबंधित पोस्ट

कोरिया : नाले पर बना दिया गोठान

कोरिया जिले में दलाल सक्रिय, सरपंचों पर बना रहे दबाव- देवेन्द्र तिवारी

छत्तीसगढ़ : जशपुर में बनेगा पुरातात्विक संग्रहालय

छत्तीसगढ़ : कोरिया जिले में दाखिल हुआ टिड्डियों का दल

छग : नकली दरोगा बन हाईवे में वसूली करते दो युवक गिरफ्तार

बस्तर के नारायणपुर में CAF कमांडर की जवानों पर फायरिंग, 2 की मौत, 1 जख्मी

लॉकडाउन से पस्त पान विक्रेता संघ कलेक्टर से मिला, मांगी इजाजत

बस्तरः पुणे से लौटा मजदूर कोरोना संक्रमित, कोविड अस्पताल में भर्ती 

नहीं.., पापा…

गोदाम में रखा 35 लाख का बारदाना खाक

राजनांदगांवः महीनों से बेकाम बस चालकों ने किया हंगामा

छत्तीसगढ़ में 5 नए मरीजों की पहचान, सक्रिय मरीजों का आंकड़ा 321 पर