कोरिया : सख्ती ऐसी कि खरीदी केंद्रों से बरामद होने लगे लावारिश धान

बैकुंठपुर जनपद के गिरजापुर केंद्र में 100 बोरा जब्त

बैकुंठपुर। कोरिया जिले में धान खरीदी को लेकर प्रशासनिक कसावट इस तरह है कि सख्ती देख खरीदी केंद्रों में लावारिश धान बरामद होने लगे हैं। एक खरीदी केन्द्र पर इस तरह का 100 बोरा धान बरामद हुआ है। केन्द्र के प्रबंधक की सूचना पर मंडी के अधिकारियों ने धान को जब्त कर कार्यवाही की है। दूसरी ओर किसानों को बोरा पलटी और सूखती के नाम पर कई परेशानियों का सामना करना पड रहा है, तो प्रशासन ने मिलरों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है, अब मिलो पर ले जाने वाले ट्रकों में जीपीएस लगाया गया है ताकि ट्रक की आवाजाही को आसानी से ट्रेक किया जा सके।
जानकारी के अनुसार धान खरीदी शुरू होने के पूर्व ही प्रशासन की छापेमारी से कोचियों के हौसले पस्त है, तो मंगलवार को बैकुंठपुर जनपद अंतर्गत गिरजापुर में 100 बोरा धान लावारिश हालत में मिला। गिरजापुर धान खरीदी केन्द्र के प्रबंधक सुरेन्द्र राजवाडे ने बताया कि एक वाहन में छोटे ल़डका धान लेकर आया और बताया कि धान के पीछे परिजन आ रहे है। और वो चला गया, जिसके बाद एक दो घंटे उसका इंतजार किया गया, काफी देर तक नहीं आने पर इसकी सूचना प्रशासन को दी गई, जिसके बाद मंडी के अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर 100 बोरा धान जब्त कर लिया है।

17 फीसदी नमी में भी वापस हो रहा धान
दूसरी ओर जिले के कई केन्द्रों में धान की नमी को लेकर किसानों में काफी नाराजगी देखी जा रही है। कई किसानों ने बताया कि धान की नमी को मापा जा रहा है यदि 17 से 18 प्रतिशत नमी है उसे वापस कर दिया जा रहा है, वहीं मुंह देखकर ऐसे लोगों के धान में 20 प्रतिशत भी नमी है तो उसे ले लिया जा रहा है, ऐसे में उन्हें कई परेशानियों ने गुजरना पड रहा है, एक तो दुबारा टोकन लेना होगा और उसकी ढोवाई भी ज्यादा लग रही है। इसके अलावा प्रति बोरा पलटने के एवज में रकम की डिमांड की जा रही है। कही 15रू बोरा है तो कही 12 रू बोरा देना प़ड रहा है। एक किसान का कहना था कि उसने 150 बोरा धान के एवज में 1500 रू देना पड़ गया, इसके अलावा अन्य कर्मचरियों को 1000 रू अतिरिक्त देना पड़ा नहीं तो उसका धान नहीं बिक पाता। इस तरह के कारनामों से किसानों में काफी रोष देखा जा रहा है, परन्तु किसान सामने आने से कतरा रहे है उनका कहना है कुछ दिन बाद उन्हें उसी समिति से खाद लेना तो आगे के दिनों में ऋण भी लेना होगा।

जीपीएस से लैस ट्रक
प्रशासन ने मिलरों पर नकेल कसना शुरू कर दिया है, ट्रकों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए उनमें जीपीएस लगवाया गया है, हलांकि अभी तक एक भी मिलर का डीओ नहीं कटा है, डीओ कट जाने के बाद किसी केन्द्र से धान कहा जा रहा है पूरे रास्ते पर जीपीएस के माध्यम से नजर रखी जा रही है।

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