विधानसभा: ध्यानाकर्षण में पर्यावरण के उल्लंघन का उठा मामला

वन मंत्री ने किया उल्लंघन को दरकिनार

रायपुर | जांजगीर से भाजपा विधायक सौरभ सिंह ने जिले के अकलतरा विकासखंड अंतर्गत न्यूवोको विस्टास संयंत्र के द्वारा पर्यावरण विभाग के नियमों और निर्देशों का खुला उल्लंघन करने का ध्यानाकर्षन सूचना दिया। विधायक ने ध्यानाकर्षण में कहा कि संयंत्र को 20 मेगा वाट के ताप विद्युत की अनुमति प्रदान की गई है जो निर्माणाधीन है।

अनुमति के शर्तों के अनुसार 10 नग रेन वाटर हार्वेस्टिंग व्यवस्था किया जाना अनिवार्य है। लेकिन प्लांट के द्वारा आज तक यह कार्य नहीं किया गया है। साथ ही ग्रीन बेल्ट के लिए भी कोई भी कार्यवाही नहीं की गई है। पर्यावरण प्रकृति के अनुसार 7.3 हेक्टेयर 8.9 प्रतिशत भूमि में सघन वृक्षारोपण स्थानीय प्रजाति का किया जाना है, जिसे भी नहीं किया गया है।

सौरभ सिंह ने कहा कि संयंत्र को विदेशी कोयला से संचालन करना है। इसके लिए फ्यूल गैस डिसल्फराइजेशन यंत्र लगाना है, परंतु संयंत्र का निर्माण तो चल रहा है, लेकिन यंत्र का ठेका अभी तक नहीं किया गया है। इससे साफ जाहिर होता है कि पर्यावरण के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है और जिससे आम जनता में काफी आक्रोश दिखाई दे रहा है।

मंत्री अकबर ने दी जानकारी

वन एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर ने ध्यानाकर्षण का जवाब देते हुए कहा की कैपटिव ताप विद्युत संयंत्र जिसकी क्षमता 20 मेगावाट के लिए राज्य स्तर पर्यावरण समाधान निर्धारण प्राधिकरण छत्तीसगढ़ द्वारा 10 फरवरी 2019 को पर्यावरणीय स्वीकृति में संशोधन जारी किया गया है। उसके बाद छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा 19 नवंबर 2019 को उक्त ताप विद्युत संयंत्र को स्थापना सम्मति प्रदान की गई है। मंत्री ने बताया 82 हेक्टेयर भूमि में स्थापित एवं संचालित सीमेंट प्लांट परिसर के भीतर 2.5 हेक्टेयर भूमि पर उक्त ताप विद्युत संयंत्र निर्माणाधीन है जिसमें 10 नग रेन वाटर हार्वेस्टिंग को 100% रिचार्ज करने की व्यवस्था बाबत भी शर्त दी गई है।

मंत्री अकबर ने कहा की डेढ़ एकड़ भूमि में लगभग 5000 नग स्थानीय प्रजाति के वृक्षारोपण करना प्रस्तावित है। मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि विद्युत संयंत्र द्वारा पर्यावरण विभाग के नियमों और निर्देशों का उल्लंघन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संयंत्र निर्माणाधीन है, इसलिए फ्लू गैस डिसल्फराइजेशन की व्यवस्था आवश्यकता होने पर ही किया जाएगा। उन्होंने कहा स्थानीय पर्यावरण से खिलवाड़ करने जैसी उक्त स्थान में नहीं पाई गई है।