छत्तीसगढ़ में मनरेगा के कार्यों को फिर मिली राष्ट्रीय स्तर पर पहचान

सात पुरस्कारों पर छत्तीसगढ़ का कब्ज़ा

रायपुर। छत्तीसगढ़ ने फिर देश में अपना वर्चस्व कायम किया है। राष्ट्रीय स्तर पर मनरेगा यानी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में किये जा रहे कार्यो के आधार पर छत्तीसगढ़ पुरस्कृत होगा। ये पुरस्कार नई दिल्ली में केंद्रीय ग्रामीण विकास और पंचयत मंत्री नरेंद्र तोमर के हाथों 19 दिसंबर को मिलेगा। जिसमे प्रदेश को सात पुरस्कारों से नवाजा जायेगा। इनमें मनरेगा के बेहतरीन क्रियान्वयन के लिए राज्यों को दिए जाने वाले तीन, जिलों और विकासखंडों को दिए जाने वाले एक-एक और ग्राम पंचायतों के लिए दो पुरस्कार शामिल हैं।

राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कारों को लेने मुंगेली के कलेक्टर और जिला कार्यक्रम समन्वयक (मनरेगा) सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे, पामगढ़ जनपद पंचायत में मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी सौरभ शुक्ला, ग्राम पंचायत पोड़ी की सरपंच प्रेमा बाई और धोतीमटोला की सरपंच विद्या रावते नई दिल्ली में राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर,में आयोजित समारोह में शामिल होंगे।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने छत्तीसगढ़ में मनरेगा को अच्छे कार्यों के लिए मुख्य सचिव आर.पी. मंडल सहित विभागीय अधिकारीयों और कर्मचारियों के साथ साथ पंचायत प्रतिनिधियों को उत्कृष्ट कार्यों के लिए बधाई दी है।

ये होंगे पुरस्कृत
प्रदेश को मनरेगा के तहत जियो-मनरेगा इनीशिएटिव्ह के क्रियान्वयन में देशभर में दूसरा, कार्यपूर्णता में दूसरा और सुशासन इनीशिएटिव्ह के क्रियान्वयन में दूसरा स्थान मिला है। जिला प्रशासन द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुंगेली का चयन किया गया है। वहीँ जियो-मनरेगा इनीशिएटिव्ह के तहत जी.आई.एस. संपत्ति पर्यवेक्षण क्रियान्वयन में जांजगीर-चांपा जिले का पामगढ़ विकासखंड देशभर में दूसरे स्थान पर है। वाटर हार्वेस्टिंग में संरचना निर्माण के लिए कोरिया जिले के पोड़ी ग्राम पंचायत (विकासखंड सोनहत) को देशभर में दूसरा तथा मनरेगा कार्यों के क्रियान्वयन में उत्कृष्टता के लिए बालोद जिले के धोतीमटोला (विकासखंड डौंडी) को तीसरा स्थान मिला है।