छग विधानसभा का मानसून सत्र शुरू, पहले दिन दिवंगत नेताओं को दी गई श्रद्धांजलि

पूर्व CM अजीत जोगी, पूर्व मंत्री, पूर्व सांसद, शहीद जवानों सहित कोरोना से दिवंगतों के लिए रखा मौन

रायपुर | छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र कोरोना संकट काल के बीच आज से अगले चार दिन तक यानि 25 अगस्त से 28 अगस्त तक चलेगा। सदन में पहले दिन छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत प्रमोद कुमार जोगी, पूर्व मंत्री डेरहू प्रसाद धृतलहरे, अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री बलिहार सिंह, लोकसभा की पूर्व सांसद रजनीगंधा देवी और भारत-चीन सीमा पर हुई हिंसक झड़प में शहीद जवानों तथा नक्सल हिंसा में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गई।

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विधानसभा अध्यक्ष डॉ.चरणदास महंत ने प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री स्वर्गीय अजीत जोगी सहित पूर्व मंत्री डी.पी.धृतलहरे, अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री बलिहार सिंह, लोकसभा की पूर्व सांसद रजनीगंधा देवी के व्यक्तित्व, कृतित्व और उनके योगदान का उल्लेख किया। सदन में दिवंगतों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।

भूपेश ने याद किया जोगी के साथ बिताये पल
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वर्गीय अजीत जोगी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीतजोगी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। भूपेश बघेल ने कहा कि अजीत जोगी सपनों के सौदागर थे, जोगी ने राज्य की नींव अच्छे ढंग से रखी,परिणामस्वरुप आज छत्तीसगढ़ की आर्थिक स्थिति अच्छी है। सीएम बघेल ने कहा कि मैं जोगी मंत्रिमंडल में राजस्व मंत्री था, तब उनसे काफ़ी कुछ सीखने को मिला। वे चाहे सत्ता में या विपक्ष में रहे प्रदेश की राजनीति उनके इर्दगिर्द रही। भूपेश बघेल ने अजीत जोगी के साथ बिताये पल को याद करते हुए बताया – विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ का सपना अजीत जोगी ने देखा था। वे हमेशा सर्वहारा वर्ग के हितों के लिए संघर्ष करते रहे। जब उन्होंने मुख्यमंत्री पद का दायित्व सम्हाला तब प्रदेश में सूखा पड़ा था। उन्होंने राजस्व और सूखा राहत विभाग का दायित्व मुझे सौंपा था। उस समय कोष खाली था। 15 लाख मजदूरों को लगातार काम देना और उनके भोजन की व्यवस्था करने की चुनौती थी। उनके नेतृत्व में यह काम सफलता पूर्वक किया गया। अच्छे वित्तीय प्रबंधन के साथ उन्होंने छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव रखी जिसके कारण छत्तीसगढ़ के साथ गठित राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ का तेजी से विकास हुआ।

वहीँ बघेल ने दिवंगत पूर्व मंत्री डेरहू प्रसाद धृतलहरे को याद करते हुए कहा कि वे हमेशा अपने क्षेत्र के विकास के लिए चिंतित रहते थे। उन्होंने अविभाजित मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के मंत्री के रूप में उल्लेखनीय सेवाएं दी। मुख्यमंत्री बघेल ने पूर्व मंत्री बलिहार सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा कि वे मिलनसार व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने पूर्व सांसद रजनीगंधा देवी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने सांसद और विधायक के रूप में क्षेत्र के लोगों की सेवा की। मुख्यमंत्री ने भारत-चीन सीमा पर हुई हिंसक झड़प में छत्तीसगढ़ के शहीद जवान गणेश कुंजाम सहित सभी शहीद जवानों, नक्सल हिंसा में मृत जवानों और कोरोना से मृत लोगों को भी श्रद्धांजलि दी।

जोगी कुशल प्रशासक और राजनीतिज्ञ थे-नेता प्रतिपक्ष
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि श्री जोगी कुशल प्रशासक और राजनीतिज्ञ थे। हिन्दुस्तान की राजनीति में उन्होंने अपनी विशिष्ट पहचान बनायी। जोगी ने छत्तीसगढ़ के विकास के लिए कई उल्लेखनीय कार्य किए। कौशिक ने दिवंगत पूर्व मंत्रियों, पूर्व सांसद और शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

धर्मजीत सिंह ने जोगी को बताया अदभूत राजनेता
सदन में विधानसभा के JCCJ सदस्य धर्मजीत सिंह ने उन्हें अदभूत राजनेता बताया। उन्होंने कहा कि आज के वक्त में जब हर जगह पर आरक्षण की बात होती है, तो उस दौर में अजीत जोगी एक छोटे से गांव से निकलकर देश की सर्वोच्च परीक्षा पास कर IPS और IAS दोनों बने। उन्होंने कहा कि अजीत जोगी की सबसे बड़ी खासियत ये थी कि वो किसी से बात करने में झिझकते नहीं थे, कांग्रेस से राजनीतिक तौर पर गहरे मतभेद के बाद भी जब पहली बार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बिलासपुर पहुंचे, तो वो उनसे मिलने के लिए पहुंचे थे। अजीत जोगी की कार्यशैली और शुरुआती वक्त में प्रदेश में उनकी कार्यशैली को धरमजीत सिंह ने प्रदेश के लिए मजबूत बुनियाद बताया।

विधायक केशव चंद्रा, अजय चंद्राकर, अमरजीत भगत, कवासी लखमा, मनोज मंडावी, बृजमोहन अग्रवाल, शैलेश पाण्डेय, डॉ. रमन सिंह, टी.एस. सिंहदेव, मोहम्मद अकबर, नारायण चंदेल, अमरजीत भगत, रविन्द्र चौबे ने भी दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी। डॉ. रेणु जोगी ने भी स्वर्गीय जोगी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी।

संबंधित पोस्ट

छत्तीसगढ़ विधानसभा में 3807 करोड़ 46 लाख रुपए की प्रथम अनुपूरक मांग पारित

छत्तीसगढ़ विधानसभा में तीसरे दिन गरमाया शराब मुद्दा,बहस के साथ हुई हंसी ठिठोली

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में उठा संसदीय सचिवों की नियुक्ति का मामला

छत्तीसगढ़ विधानसभा में राजीव गांधी की जयंती पर मनाया गया सद्भावना दिवस

महज़ चार दिनों के मानसून सत्र पर भाजपा ने प्रदेश सरकार पर दागे तीखे सवाल

छत्तीसगढ विधान सभा के मानसून सत्र की अधिसूचना जारी

विधानसभा : जिम चलाने का भी बनाए कानून, आसंदी के सरकार को निर्देश

सदन में गूंजा शराब बिक्री,मंत्री कवासी पर बिफरे विधायक धर्मजीत

Breaking NEWS : रिंकू की मौत पर भारी हंगामा, सदन कल तक के लिए स्थगित

शुरू हुआ विधानसभा का पावस सत्र, दिवंगतों को दी गई श्रद्धांजलि

मानसून सत्र : अंतिम सत्र सदन से सड़क तक गरमाएगा माहौल