Exclusive : साल भर में छत्तीसगढ़ की आधे से ज्यादा आबादी ने दी रिश्वत

गैरराजनीतिक स्वयंसेवी संस्था ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल इंडिया की सर्वे रिपोर्ट

रायपुर। छत्तीसगढ़ की आधे से ज्यादा आबादी ने पिछले साल अपना काम करवाने के लिए सरकारी अफसरों को रिश्वत दी। भ्रष्ट्राचार के खिलाफ काम करने वाली गैरराजनीतिक स्वयंसेवी संस्था ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल इंडिया ने यह जानकारी अपने सर्वे रिपोर्ट में दी है।
इस सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़ समेत पांच राज्यों महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, और आंध्रप्रदेश में 50 फीसदी से अधिक आबादी ने अपना काम करवाने के लिए विभिन्न सरकारी विभागों DeshTv Exclusive को रिश्वत दी। सर्वेक्षण के अनुसार, 20 राज्यों में से आठ में पिछले एक साल में 60 प्रतिशत से अधिक लोगों ने विभिन्न सरकारी विभागों को रिश्वत दी।
शीर्षक द भारत भ्रष्टाचार सर्वेक्षण 2019 से जारी इस रिपोर्ट के लिए घरेलू ’भ्रष्टाचार के स्तर की जाँच करने के लिए यह सर्वेक्षण किया गया था। सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार से निपटने के लिए नागरिकों की प्रतिक्रियाओं को दर्ज किया गया था। 20 राज्यों के DeshTv Exclusive यह 248 जिलों में आयोजित इस सर्वे में 81,000 लोगों ने भागीदारी दी। पूर्वोत्तर राज्यों और जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के नवगठित केंद्र शासित प्रदेशों को सर्वेक्षण से बाहर रखा गया था। सर्वेक्षण में 1,90,000 से अधिक प्रतिक्रियाएं प्राप्त हुई। इनमें 1,20,000 राष्ट्रीय सर्वेक्षण में और 70,000 राज्य सर्वेक्षण में प्राप्त हुए थे।
सर्वेक्षण के अनुसार, पंजाब, झारखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, तेलंगाना, कर्नाटक और DeshTv Exclusive तमिलनाडु उन राज्यों में शामिल हैं जहाँ 60 प्रतिशत से अधिक लोगों ने सरकारी विभागों को रिश्वत दी।

महाराष्ट्र और एमपी भी शामिल
सर्वेक्षण में कहा गया है कि पांच राज्यों – महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश में 50 प्रतिशत से अधिक आबादी ने सरकारी अधिकारियों को अपना काम DeshTv Exclusive करवाने के लिए रिश्वत दी। हरियाणा, दिल्ली, गुजरात, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, गोवा और केरल में, 49 प्रतिशत से कम लोगों ने विभिन्न विभागों में अपना काम करने के लिए रिश्वत दी। सर्वेक्षण में कहा गया है कि राष्ट्रीय राजधानी के निवासियों ने दिल्ली पुलिस से रिश्वत की अधिकतम मांग का अनुभव किया। गुजरात, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में नागरिकों ने भी पुलिस अधिकारियों को रिश्वत दी।

सबसे ज़्यादा ज़मीन ज़ायदाद के लिए
सर्वे रिपोर्ट के अनुसार राज्यों में, संपत्ति और भूमि ऐसे क्षेत्र थे जहां रिश्वत की सबसे अधिक मांग थी।मध्य प्रदेश में नगर निगम सबसे भ्रष्ट सरकारी विभाग निकला। सर्वेक्षण के अनुसार यहां लोगों से अधिकतम रिश्वत की मांग की थी। केरल, गोवा, झारखंड, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के नागरिकों ने कर, बिजली और परिवहन कार्यालयों को सबसे अधिक रिश्वत दी।

भारत पड़ोसियों से बेहतर
सर्वेक्षण में यह भी कहा गया है कि 2018 में भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक में भारत की रैंकिंग में सुधार हुआ है क्योंकि यह अब 180 देशों में 78 वें स्थान पर है। 2017 में, भारत सूचकांक में DeshTv Exclusive 81 वें स्थान पर था। उसने तीन अंकों का सुधार किया है। वहीं इस सूचकांक में चीन 87वें और पाकिस्तान 117वें स्थान पर हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत पड़ोसी देशों से तो बेहतर हुआ है लेकिन भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।