मुठभेड़ के बाद घायल हालत मे मिला इनामी नक्सली डेविड,अस्पताल में दाखिल

एमएमसी जोन के प्लाटून वन कमांडर डेविड से एके-47 भी जब्त

प्रदीप मेश्राम,राजनांदगांव । राजनांदगांव पुलिस महकमे के एक युवा सब इंस्पेक्टर समेत दो पुलिस कर्मियों को मुठभेड़ में मारने वाले एक कुख्यात नक्सली डेविड दबोचा गया। पुलिस ने अत्याधुनिक हथियार एके-47 के साथ बीती रात मुठभेड़ में घायल हालत में गिरफ्तार कर लिया है। बीती रात छुरिया क्षेत्र के जोब बेस केम्प के कटेंगा के जंगल में पुलिस और नक्सलियों के बीच फायरिंग हुई। मुठभेड़ में डेविड के पेट में गोली लगी। बताया गया है कि घायल होने के कारण वह घटनास्थल के पास ही आज सुबह घटनास्थल का मुआयना करने के बाद पुलिस के हाथ लगा।

पुलिस के हत्थे चढ़ा यह कुख्यात नक्सली डेविड एमएमसी जोन (महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़) का प्लाटून वन का कमांडर है। उस पर राजनांदगांव पुलिस ने 8 लाख रुपए का इनाम भी घोषित किया है। पुलिस को लंबे समय से डेविड की तलाश थी। बताया गया है कि अगस्त 2017 में गातापार क्षेत्र के भावे इलाके में हुए मुठभेड़ में प्लाटून का नेतृत्व करते हुए डेविड ने सब इंस्पेक्टर युगलकिशोर साहू समेत दो जवानों को अपना निशाना बनाया था। इसी तरह बाघनदी के पास नेशनल हाईवे में एएसआई नरबद बोगा पर भी घात लगाकर डेविड ने हमला किया था। इस वारदात एएसआई शहीद हो गया। वहीं 2018 में चिरचारी में आत्मसमर्पित नक्सली गणेशु उर्फ रवि पर भी हमला डेविड ने ही किया था। समर्पण के बाद गणेशु सहायक आरक्षक बन गया था। वह भी इस वारदात में शहीद हुआ। इसी तरह राजनांदगांव जिले के बोरतलाव से लेकर बकरकट्टा क्षेत्र तक हुए कई हिंसक वारदात में वह शामिल रहा है।

राजनांदगांव एसपी जितेन्द्र शुक्ला ने पुष्टि करते कहा कि कल मुठभेड़ में उक्त नक्सली पेट में गोली लगने की वजह से घायल हुआ है। जख्मी हालत में उसे राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में उपचारार्थ दाखिल कराया गया है। बताया गया है कि डेविड पर 8 लाख रुपए का ईनाम था। वह महाराष्ट्र के गढ़चिरौली के कोरची तहसील का रहने वाला है। एमएमसी जोन में वह प्लाटून 55 का कमांडर के तौर पर नेतृत्व कर रहा था। हाल ही के वर्षों में नक्सलियों ने रणनीतिक बदलाव करते हुए इस प्लाटून को एक नंबर में बदल दिया। अब तक हुए नक्सल हमलों में वह प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर शामिल रहा है।

बताया जा रहा है कि डेविड के पास राजनांदगांव पुलिस के लिए कई अहम जानकारियां है। पुलिस की सपड़ में आने से नक्सलियों को करारा झटका लगना तय है। बताया जा रहा है कि डेविड ने बालाघाट, गोंदिया, राजनांदगांव तथा गढ़चिरौली क्षेत्र में कई हिंसक वारदातों को अंजाम दिया है। वह लगातार पुलिस को चकमा देने में कामयाब होता रहा।

मिली जानकारी के मुताबिक प्लाटून नंबर वन के कमांडर के रूप में डेविड की अंदरूनी इलाकों में काफी दखल थी। वह नक्सलियों के एक बड़ा कैडर है। उसकी अगुवाई में कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया गया है।