बालाघाट में अपहृत ग्रामीण की नक्सल हत्या ?

12 दिन से अगवा ग्रामीण का शव गांव से सटे जंगल में मिला

राजनांदगांव। बालाघाट में अपहृत ग्रामीण की नक्सल हत्या होने की अपुष्ट खबर है। 12 दिन पहले बालाघाट के देवरबली के चितकोना गांव से एक ग्रामीण को कथित नक्सलियों ने घर से अगुवा कर लिया था। लंबे समय से पुलिस ग्रामीण की खोजबीन कर रही थी। कल देर शाम को गांव के बाहर करीब आधा किमी दूर स्थित जंगल में शव मिलने की खबर पुलिस को ग्रामीणों ने दी। बताया जा रहा है कि लाश पूरी तरह से सड़ गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

मेगलाल मसराम को 17 नवंबर की रात को नक्सलियों द्वारा उठाकर ले जाने की परिजनों ने पुलिस को सूचना दी थी। अपहृत ग्रामीण की पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। तथाकथित अपहरण को लेकर पुलिस खोजबीन कर रही थी। इसी दौरान कल मिले शव को अपहृत ग्रामीण के होने की आशंका जताई जा रही है। घटना के संबंध में बालाघाट आईजी केपी वेंकटेश्वर राव ने बताया कि शव की शिनाख्ती नहीं हुई है। डीएनए टेस्ट से शव की पहचान होगी। उधर पीएलजी सप्ताह के पहले दिन शव मिलने की घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल है।