बेअसर छत्तीसगढ़ महाबंद, दुकानें खुली, कार्यकर्ता नदारद…

छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग ST, SC अल्पसंख्यक महासंघ ने बुलाया था बंद

रायपुर। छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग एसटी, एससी, अल्पसंख्यक महासंघ के द्वारा आज 13 नवंबर को छत्तीसगढ़ बंद बुलाया था। हालाँकि इस बंद का असर प्रदेश में आंशिक रूप से भी नहीं नज़र आ रहा है। महासंघ की ओर से बिलासपुर, महासमुंद, दंतेवाड़ा, मुंगेली, गीदम, पंडरिया, कवर्धा, राजनांदगांव सहित कई शहर 100 फीसदी बंद का दावा किया गया है। लोहंडीगुड़ा व तोकापाल जगदलपुर बस्तर भी बंद रहा।बंद की जानकारी देते हुए प्रदेश के संयोजक क्रांति साहू ने बताया कि यह बंद सामाजिक समरसता के लिए बुलाया गया है।

                इस बंद के माध्यम से हम लोगो को जागरूक करने की कोशिश कर रहे है कि सभी समाज को प्रतिनिधित्व मिले चाहे शिक्षा के क्षेत्र में हो राजनीति के क्षेत्र में हो व्यापार के क्षेत्र में हो और इसमें सभी समाज प्रमुखों ने रायपुर को बंद करवाने के साथ-साथ संपूर्ण छत्तीसगढ़ को बंद कराने का समर्थन दिया है। राजधानी रायपुर की अगर बात कि जाए तो अंबेडकर चौक में महासंघ के पदाधिकारी और कार्यकर्ता जुटे और नारेबाजी कर प्रदर्शन भी किया। उनका कहना है कि आज जो पिछड़ा वर्ग को 27% आरक्षण दिया गया था, जिस पर हाईकोर्ट द्वारा रोक लगाई जाए लगाए जाने के कारण यह स्थिति बनी है कि सभी समाज के लोग लामबंद होकर के इसका पुरजोर विरोध कर रहे है। जिन्होंने हाईकोर्ट में इस मामलें को घसीटा है ये प्रदर्शन उनके खिलाफ है, जिसके लिए हम जागरूकता अभियान चलाएंगे और आरक्षण के समर्थन में लोग आगे आए।

30 संगठन के समर्थन का दावा
इधर महासंघ को 30 संगठनों से बंद को समर्थन मिलने का दावा किया गया है। जिसमें संयुक्त मोर्चा एसटी एससी ओबीसी महासंघ, एसटी एससी ओबीसी महासभा, सर्व पिछड़ा वर्ग समाज, सर्व पिछड़ा महासंघ, सर्व पिछड़ा महासभा, छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण मंच, छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्गकल्याण संघ, पिछड़ा वर्ग का समन्वय समिति, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग महासभा के आलावा तमाम तरह के संगठनों से समर्थन की बात कहि गई है। हालाँकि बंद कराने के लिए चंद लोग ही सड़कों पर मशक्क़त करते नज़र आ रहे है। वहीं इस बंद का कोई भी असर राजधानी समेत प्रदेश में नहीं देखा गया है।