एक और कारनामा…बिना मस्टररोल के काम कर रहे ठेकेदार

अंधेरे में नाडेप और वर्मी टांका के हितग्राही

बैकुंठपुर। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के कृषि विभाग द्वारा मनरेगा के तहत बनाए जा रहे नाडेप और वर्मी टांका निर्माण में भारी अनियमितताएं सामने आ रही हैं, हितग्राहियों को पता ही नहीं और मनरेगा के ठेकेदार मटेरियल गिरा, बिना मापदंड कार्य कर रहे है, वही बिना मस्टर रोल जारी हुए कार्य शुरू हो गए है। जिसको लेकर ग्रामीणोे में भारी रोष देखा जा रही है।
इस संबंध में कृषि उपसंचालक डीके रामटेके का कहना है कि आप बता रहे हैं तो मामले की जांच की जाएगी। जानकारी के अनुसार जिला पंचायत ने कृषि विभाग को जिले भर में 1175 नाडेप और वर्मी टांका निर्माण का कार्य सौपा, इससे पहले डीएमएफ के तहत जिला पंचायत ने बैकुंठपुर विधायक आदर्श ग्राम बुढार में हजारों नाडेप और वर्मीटांका का कार्य कृषि विभाग को दिया था।

निर्माण कराए ज्यादातर नाडेप और वर्मीटांका टूट गए। फिर अब मनरेगा से विभाग को 2 करोड 34 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई, मार्च 2019 में ठेकेदारों को काम बांटे जाने की खबर के बाद स्वयं उप संचालक कृषि ने इस काम को वापस कर दिया, परन्तु बाद में फिर उसे ले लिया और जिले भर मे ठेकेदारों को काम भी बांट दिया। नाडेप की लागत 23 हजार जबकि वर्मीटांका की लागत 29 हजार 500 रखी गई है। जानकारी के अनुसार बैकुंठपुर मे 201 नाडेप वर्मीटांका के लिए 43 लाख, सोनहत में 226 के लिए 44 लाख, खडगवां में 330 के लिए 63 लाख, मनेन्द्रगढ मे 136 के लिए 25 लाख और भरतपुर में 280 के लिए 57 लाख रू जारी कर दिए गए।

सोनहत में भारी अनियमितताएं
जिले के सोनहत विकासखंड में धडल्ले से नाडेप और वर्मीटांका निर्माण किए जा रहे है, दोनों कार्यो को जैसे तैसे फटाफट बनाकर राशि निकाले जाने की तैयारी है। ग्रामीणों की मानें तो 29 हजार 500 का वर्मीटांका मात्र 8 से 10 हजार में बनाकर पूर्ण बताया जा रहा है, बनाया जा रहा नाडेप और वर्मीटांका किसी काम का नहीं है। कृषि विभाग का कोई भी अधिकारी कर्मचारी देखने तक नहीं आते है पूरा कार्य ठेकेदारों के भरोसे है। राजनीतिक पैठ रखने वाले ठेकेदारों को ग्रामीण कुछ कहने से डर रहे है।

मौके पर कुछ नहीं मिला
सोनहत के ग्राम पंचायत पोडी के सरपंच ने मनरेगा के तहत हो रहे निर्माण को देखा तो हितग्राही से पूछा, उसे कुछ पता ही नहीं था। उन्होने सभी पंचों को बुलाकर पंचनामा बनाया, जिसमें बताया गया कि नाडेप का निर्माण कराया जा रहा है जिसकी जानकारी हितग्राही को नहीं है, मौके पर मस्टररोल भी नहीं है, उन्होने सवाल उठाया है कि बिना मस्टररोल जारी हुए कार्य कैसे हो रहा है, पंचनामे में सरंपच के अलावा हितग्राही और सभी पंचों ने हस्ताक्षर भी किए हँ।