नाबालिग पीड़िता और परिवार को अगवा करने में ओपी गुप्ता निकला मास्टर माइंड

ओडिशा से पकडे गए चारो आरोपी

प्रदीप मेश्राम, राजनांदगांव | छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम डॉक्टर रमन सिंह के ओएसडी रहे ओपी गुप्ता पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली पीड़िता और उसके परिजनों को अगवा करने के मामले का राजनंदगांव पुलिस ने खुलासा किया है।

राजनांदगांव के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बी एस ध्रुव मीडिया के सामने खुलासा किया। पुलिस के अनुसार पीड़िता और उसके परिवार को ओपी गुप्ता के कहने पर उनके ही साथियों ने राजनांदगांव से अगवा कर ओडिशा ले गए थे। अगवा करने की जानकारी मिलने के बाद एसएसपी ध्रुव के निर्देश पर पतासाजी करने अलग-अलग टीम गठित की गई थी। टीम के द्वारा शहर के सभी सीसीटीवी फुटेज, टोल प्लाजा से आने वाली संदिग्ध गाड़ियों की लगातार जांच की गई। जांच में पता चला कि सुमित शर्मा पीड़ित परिवार के सदस्यों को अपने साथ ओडिशा की ओर ले गया है। पुलिस ने जब सुमित शर्मा पर दबाव बनाया तो उसने पूरी बात पुलिस के सामने रख दी।

पीड़िता के साथ उसके मां और पिता को एक इनोवा गाड़ी में बिठाकर जगन्नाथपुरी घुमाने के बहाने ले जाया गया। जब पुलिस को भनक लगी कि पीड़िता जगन्नाथ पुरी में है तो राजनांदगांव पुलिस ने पूरी के पुलिस के सहयोग से पतासाजी शुरू की। तब तक अपहरणकर्ताओं को पुलिस के पीछा करने की भनक लग गई थी। ऐसे में अपहरणकर्ताओं ने पीड़िता और उसके मां और पिता को लेकर ठिकाना बदलने की कोशिश कर रहे थे। इसी बीच नयागढ़ उड़ीसा में पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपियों को धर दबोचा। जिनके चंगुल से पीड़िता और उसके माता-पिता को छुड़ाया गया।

राजनांदगांव एसएससी ध्रुव ने बताया आरोपियों से कड़ी पूछताछ किए जाने के बाद पता चला की यौन उत्पीड़न के आरोपी ओपी गुप्ता ने यह पूरा षड्यंत्र रच कर शिवरतन गुप्ता, राजेश शर्मा और सुमित शर्मा को इस मामले में संलिप्त किया। जिसके बाद अपहरण की घटना को अंजाम दिया गया। साथ ही प्रार्थीया और उसके परिवार को डरा धमका कर बयान बदलने का दबाव भी बनाया गया। पुलिस ने चारों आरोपी श्रीराम प्रसाद चौधरी, शत्रुघ्न सपाहा, राजेश शर्मा और सुमित शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही इन आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भी भेज दिया गया है।