छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र बुलाये जाने पर विपक्ष ने राज्य सरकर को घेरा

अध्यादेश लाकर कानून बनाया जा सकता था-भाजपा

रायपुर | छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र में हंगामे के बाद शुरू हुए सदन में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहा विपक्षी दल भाजपा ने सबसे पहले मुद्दा उठाया कि विशेष सत्र आहूत करने का पुख्ता कारण राज्य सरकार बताएं। साथ ही विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार इस कानून के लिए अध्यादेश ला सकती थी बजाय विशेष सत्र बुलाने के ।

विपक्ष का सरकार पर आरोप
सदन में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने आसंदी से आग्रह किया कि आने वाले समय में केवल विधेयक पारित करने के लिए सत्र आहूत ना किया जाए बल्कि अध्यादेश लाकर कानून बनाया जाए।

पूर्व कृषि मंत्री और रायपुर दक्षिण के विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने सरकार के खिलाफ तेवर दिखाते हुए कहा कि सरकार का विशेष सत्र बुलाना समझ से परे है। उन्होंने आसंदी से कहा कि यदि इस पर अभी रोक नहीं लगाया गया तो यह दौर आगे भी चलता रहेगा। बृजमोहन अग्रवाल ने पिछले शासन काल के विधानसभा का उदाहरण पेश किया। उन्होंने कहा यह वही सदन है जहां व्हेल में सदस्यों के द्वारा हंगामा करने पर स्वमेव ही बर्खास्त माना जाता है, लेकिन इस सरकार में सदन का मखौल उड़ाया जा रहा है।

संसदीय कार्यमंत्री ने दी सफाई
संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे ने विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए सदन में कहा कि किसानों के हितों को देखते हुए विधानसभा के विशेष सत्र को आहूत किया गया है । इसमें किसी प्रकार का कोई हिला हवाला नहीं किया गया। रविंद्र चौबे ने आसंदी को बताया कि केंद्र के द्वारा लाए गए किसान बिल से किसानों का हित में बाधा पहुंचती है। उसे देखते हुए राज्य सरकार ने किसान हित में छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी संशोधन विधेयक 2020 कानून पास कराने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है जो कि कानून के मुताबिक है।

संसदीय कार्य मंत्री के जवाब के बाद सदन विपक्ष का हंगामा जारी रहा। इसके साथ ही सदन अन्य मुद्दों को लेकर भी सरकार को घेरने की कोशिश की जा रही है। जिसमे नए विधानसभा के शिलान्यास में प्रोटोकॉल का उल्लंघन का मामला जमकर उठाई गई।