खेत से घर में पहुंचा धान उस पर भी ठोक रहे जुर्माना, विरोध में किसान…

सोनहत के किसानों ने 2 से 10 किलों धान बेचने की मांगी अनुमति

बैकुंठपुर। धान खरीदी के पहले अवैध भंडारण को हो रही कार्यवाही को लेकर किसान और व्यापारियों ने मोर्चा खोल दिया है, बैकुंठपुर क्षेत्र के गल्ला व्यापारियों ने बीते 3 दिनों से अपना कारोबार बंद कर रखा है, जबकि किसानों के खेत से लाए घर मे रखे धान पर कार्यवाही को लेकर सोनहत के किसानों ने प्रशासन को 2 से 10 किलों धान या चावल बेचने की अनुमति देने की मांग की है। जानकारी के अनुसार बैकुंठपुर क्षेत्र गल्ला व्यवसायी बीते 3 दिनों से प्रशासन की मनमानी कार्यवाही को लेकर अपने प्रतिष्ठान बंद कर विरोध में है। रविवार को सभी बैकुंठपुर विधायक अंबिका सिंहदेव से मिले और उन पर की जा रही है अनैतिक कार्यवाही का विरोध जतायाहै। व्यापारियों का कहना है कि वे पंजीकृत व्यापारी है, सबके पास मंडी का लायसेंस के साथ हर माल पर मंडी कर भी समय पर चुकाते आ रहे हे। धान के भंडारण को लेकर प्रशासन के द्वारा मनमानी कार्यवाही की जा रही है। छोटे छोटे किसान अपनी जरूरतें पूरी करने को लेकर थोडा थोडा धान आकर हमारे पास बेचते है, हम उनका धान लेने उनके घर नहीं जाते, बावजूद इसके प्रशासन हम पर कार्यवाही कर रहा है, पुलिस हमें चोर की नजर से देख रही है। जेसे हम लोगों ने बहुत बडा अपराध किया है। इससे हम अपने आप को अपमानित महसूस कर रहे है। हमारे पास से जो धान प्रशासन बरामद कर रहा है, उसका हम पूरा हिसाब भी दे रहे है जबकि प्रशासन उसका 5 गुना जुर्माना वसूल करने पर आमादा है। बीते तीन दिनों से हम लोगों ने अपना कारोबार बंद कर विरोध जता रहे है, और दुकान बंद होने के कारण किसान वापस अपने घर लौट रहे है। प्रशासन की सोच गलत है कि हम लोग मंडी मे धान बेचते है, जबकि दूसरों राज्य से यहां धान आकर बिकता है, उस धान पर रोक लगाए जाने के बजाय हम व्यापारियों को परेशान किया जा रहा है। सभी ने विधायक से प्रशासन की मनमानी कार्यवाही पर रोक लगाए जाने की मांग की और व्यापारियों के साथ अपराधी जैसे व्यवहार नहीं किया जाने की बात कही।

खेत से लाए धान पर कार्यवाही
सोनहत में कुछ ऐसे किसानों पर भी प्रशासन ने कार्यवाही कर डाली, जिन्होने अपने खेत धान की फसल की मिसाई कर घर में रखा था। वहीं किसान मनमोहन पटेल, श्यामलाल यादव, मोहरलाल, राधेश्याम, उमांशकर, चंद्रजीत यादव ने कलेक्टर को पत्र देकर मांग की है कि किसान को 2 से 10 किलो चावल या धान बेचे जाने की अनुमति प्रदान की जाए, उन्होने बताया कि छोटे किसानों को रोजाना जरूरत की चीजे खरीदने के लिए थोडा धान बेचना पडता है। वे धान छोटे दुकानदारों को बेचते है। अब ऐसे लोगों का धान छोटे व्यापारी नहीं खरीद रहे है, ऐसे में उन्हे आर्थिक संकट से गुजरना पड रहा है। बैकुंठपुर में 3 दिन से दुकानें बंद है। प्रशासन को छोटे और कमजोर किसानों के बारे में सोच कर कार्यवाही करनी चाहिए।

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