धान खरीदी : 2,270 मामलों में 29 हज़ार 170 टन अवैध धान जप्त

धान बेचने वाले 1 लाख से ज़्यादा किसानों को 700 करोड का भुगतान

रायपुर। धान खरीदी के एक हफ्ते बीतने के बाद खाद्य विभाग के सचिव डॉ कमलप्रीत सिंह ने पत्रकार वार्ता लेकर खरीदी संबंधी जानकारी मीडिया के सामने रखी। डॉ कमलप्रीत सिंह ने बताया कि 1 दिसंबर से लेकर 6 दिसंबर तक 1 लाख 73 हज़ार 491 किसानों ने 7 लाख 11 हज़ार 306 मेट्रिक टन धान खरीदी केंद्रों में बेचा है। धान बेचने वाले 1 लाख 26 हज़ार 897 किसानों को 700 करोड रुपए से ज्यादा का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के किसानों से धान खरीदी सुनिश्चित करने के लिए अवैध धान ख़पाने की कोशिशों पर लगातार कार्यवाही की जा रही है। कार्यवाही के आंकड़े बताते हुए उन्होंने बताया कि अब तक कुल 2,270 मामलों में 2,138 को कोचियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जिसमें 132 कोचिए अंतरराज्यीय है। इस कार्रवाई में 29 हज़ार 170 टन अवैध धान, 260 वाहनों को जप्त कर कार्रवाई की गई है।


डॉ कमलप्रीत सिंह ने बताया कि धान खरीदी 15 फरवरी 2020 तक की जाएगी। जिसमें खरीदी केंद्रों की क्षमता के मुताबिक किसानों को असुविधा से बचाने के लिए टोकन जारी कर खरीदी करती जा रही है। वही उन्होंने यह भी कहा कि धान खरीदी के लेकर किसी तरह की कोई लिमिट नहीं है। खरीदी के लिए छोटे बड़े सभी किसानों से उनके पंजीकृत रकबे के अनुसार प्रति एकड़ 15 क्विंटल की दर से धान खरीदी सुनिश्चित की गई है। धान खरीदी में बोनस से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में धान खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रही है। 2500 प्रति क्विंटल की दर से शेष राशि का भुगतान के लिए अन्य राज्यों में प्रचलित योजना का अध्ययन कर प्रथक योजना शीघ्र लागू की जाएगी।