राजस्थान में सियासी उठा पटक पर कांग्रेस का भाजपा पर खरीद फरोख्त का आरोप

भाजपा मध्यप्रदेश की तर्ज पर राजस्थान में नहीं होगी सफल-शैलेश नितिन त्रिवेदी

रायपुर | राजस्थान में मध्य प्रदेश की तरह ही सियासी उठापटक काफी तेज हो गई है। राजस्थान की स्पष्ट बहुमत वाली अशोक गहलोत की सरकार को उन्हीं के सरकार के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने बड़ा झटका दिया है। जिसमें उन्होंने 25 विधायकों के साथ भाजपा का दामन थामने की बात कह कर पूरे देश भर में सियासी हलचल मचा दी है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज मुख्यमंत्री निवास पर विधायक दल की बैठक ली। जिनमें करीब 106 विधायक बैठक में मौजूद रहे। बैठक के बाद विधायकों को प्राइवेट बसों के द्वारा एक होटल ले जाया गया।

इधर सचिन पायलट को मनाने के लिए अब राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने मोर्चा संभाल लिया है। सूत्रों की माने तो सचिन पायलट ने अपने प्रदेश अध्यक्ष के पद को बरकरार रखते हुए इसके अलावा गृह और वित्त विभाग की मांग भी आलाकमान से की है।

खरीद फरोख्त का आरोप

इधर राजस्थान की सियासी उठापटक के बीच छत्तीसगढ़ में भी राजस्थान के सियासत पर कांग्रेस ने भाजपा को आड़े हाथों लिया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा की खरीद-फरोख्त कर पहले कर्नाटक और मध्यप्रदेश में कांग्रेस की निर्वाचित सरकारो को गिराया। अब राजस्थान में कांग्रेस की निर्वाचित सरकार गिराने की भाजपा की साजिश जारी है। यह सीधे-सीधे इन राज्यों की जनता के जनादेश का भाजपा द्वारा कालेधन की ताकत से किया जा रहा अपमान है। भाजपा का विपक्षी दलों की राज्य सरकारों को काली कमाई के पैसों के बल पर गिराने का खेल जारी है। शैलेश ने कहा है कि देश में भाजपा ने नैतिकता और लोकतांत्रिक मूल्यों को पूरी तरीके से बलायेताक रख दिया। भाजपा मिथ्या असंतोष भड़काकर विधायको के खरीद-फरोख्त में लगातार संलिप्त है। यह सीधे-सीधे भाजपा के अलोकतांत्रिक रवैय्ये को उजागर करता है। कांग्रेस पार्टी भाजपा के द्वारा लगातार देश के संविधान और लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने की कड़े शब्दों में निंदा करती है।

कांग्रेस का अभी भी मानना है कि भाजपा मध्य प्रदेश के जैसे राजस्थान में कांग्रेस सदस्यों को अपने पाले में नहीं ला पाएगी। 5 साल के लिए मिले जनादेश के साथ ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपनी पूरी पारी खेलेंगे।