कोरिया के स्कूलों में लगाए गए पाक्सो बाक्स नदारत

जिला शिक्षा अधिकारी बोले-तुरंत निर्देश जारी कर रहा हूं

बैकुंठपुर। महिला सुरक्षा को लेकर देशभर में बहस छिड़ी हुई है, सड़क से लेकर संसद तक महिला सुरक्षा को लेकर चर्चा हो रही है, वही दूसरी ओर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का स्लोगन के माध्यम से जागरूकता जाने का प्रयास किया जा रहा है। स्कूलो में भी बेटियों के साथ छेड़छाड़ की शिकायत बढ़ती जा रही है। इन सबके बीच स्कूलो में पॉक्सो बॉक्स लगाने के निर्देश दिये गये थे जिसका पालन शुरूआती दौर में हुआ लेकिन एक शिक्षा सत्र भी नहीं बीता कि स्कूलों लगाये गए पॉक्सो बाक्स नदारत हो गये। हालाकि जिला शिक्षा अधिकारी संजय गुप्ता का कहना था कि स्कूलों में बाक्स लगाए गए हैं मैंने देखा है अगर फिर भी नहीं लगा है तो यह गंभीर है। स्कूलों को इसे गंभीरता से लेते हुए तुरंत निर्देश जारी कर रहा हूं।

बेटियों के विरूद्ध बढती छेड़छाड़ व दुष्कर्म की घटनाओं के बीच भी शिक्षा विभाग विद्यालयों में पॉक्सो बॉक्स लगाने की दिशा में नहीं जाग रहा है। जानकारी के अनुसार साल भर पूर्व जिले के स्कूलों में पॉक्सो बॉक्स लगाने के निर्देश दिये गये थे जो उस सत्र में कई स्कूलों में लगे लेकिन लगाये गये पॉक्सो बॉक्स केवल खानापूर्ति के लिए ही लगाये गये थे जो दूसरे स़त्र की शुरू होने पर नदारत हो गये। जबकि स्कूली छात्राओं से भी छेड़छाड़ की घटनाएं सामने आती रहती है। विद्यालयों में छात्राए अपने साथ ऐसी किसी घटना की शिकायत करने में संकोच करती है लेकिन जब हद से ज्यादा होती है तब मामला सामने आता है। इन्हीं सब कारणों को देखते हुए स्कूलों में पॉक्सो बॉक्स लगाने के निर्देश थे लेकिन शिक्षा विभाग के अफसर ही इस दिशा में रूचि नही ले रहे हँ जिस कारण स्कूल प्रबंधन पॉक्सो बॉक्स को लेकर लापरवाह हो गये।

जानकारी के अनुसार छात्र छा़त्राओं की गोपनीय शिकायत के लिए स्कूलो में पॉक्सो बॉक्स लगाने के निर्देश थे जिसमें डाले जाने वाले शिकायतों को गोपनीय तरीके से निराकरण करना था जिसके लिए एक विशेष समिति का गठन विद्यालयों को करना था जिनमें शिक्षक शिक्षिकाओं, बच्चों के पालकगण, स्कूल समिति के सदस्य आदि को मिलाकर एक पॉक्सो समिति का गठन किया जाना था। लेकिन इस दिशा मे शिक्षा विभाग के अफसर की रूचि नहीं लेने के कारण स्कूल प्रबंधन भी रूचि नही लिया।

शुरूआती दौर में खानापूर्ति के लिए कई स्कूलों में गत्ते से बने डब्बे को पॉक्सो बॉक्स बना दिया था, जिसमें डाले जाने वाले शिकायत ही सुरक्षित नहीं थे। जिस कारण कोई शिकायत कैसे ऐसे खुले बॉक्स में डालता जिसमें गोपनीयता ही न हो इस तरह शिक्षा विभाग के अधिकारी के साथ स्कूल प्रबंधन की गैर जिम्मेदाराना रवैया के कारण आज लगभग स्कूलों में पॉक्सो बॉक्स नदारत है। पालकों का कहना है कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों को चाहिए कि ऐसे संवेदनशील विषय केा लेकर गंभीरता दिखाये और सभी स्कूलों में अनिवार्य रूप से पॉस्कों बॉक्स लगाये जाने के साथ समिति गठन करने के निर्देश दिये जाये जिससे कि छात्र छा़त्राएं अपने साथ घटित किसी शिकायत को गोपनीय तरीके से शिकायत कर सकें।