प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने ‘डॉक्टर्स डे‘ पर चिकित्सकों को दी शुभकामनाएं

भारत रत्न डॉ. विधानचंद्र राय की स्मृति में ’डॉक्टर्स डे’

रायपुर | किसी ने साक्षात् भगवन को तो देखा नहीं है लेकिन भगवन के रूप में डॉक्टर्स को माना जाता है। आम जीवन में चिकित्सकों के योगदान को मनन करने हम नैशनल डॉक्टर्स डे मनाते है। भारत रत्न डॉ. विधानचंद्र राय की स्मृति में ’डॉक्टर्स डे’ की शुरुआत इंडियन मेडिकल असोसिएशन ने की थी।

आज ही के दिन महान फिजिशियन और पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री डॉक्टर बिधान चंद्र राय की पुण्यतिथि है। डॉक्टर बिधान चंद्र राय की याद में भारत सरकार ने वर्ष 1991 से डॉक्टर्स डे की शुरुआत की थी। जिसके बाद से प्रतिवर्ष 1 जुलाई को नैशनल डॉक्टर्स डे मनाया जाता है।

इसबार डॉक्टर्स डे कोरोना वायरस महामारी के बीच आया है ऐसे में इसबार की थीम ‘कोरोना वायरस’ पर रखी गई है। इस दौरान डॉक्टर अपनी जान की परवाह किये बिना ही मरीजों की देखभाल कर रहे हैं, उन्हें तंदुरुस्त कर अपने घर भेजने का महँ काम कर रहे हैं। इन सभी डॉक्टर्स को हमारा सलाम।

डॉक्टर्स की अहमियत को समझाते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने भी एक वीडियो ट्वीट किया। इसके साथ उन्होंने लिखा कि भारत डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ को सलाम करता है जो कोरोना से जंग में सबसे आगे हैं।

वहीँ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ’डॉक्टर्स डे’ के अवसर पर देश और प्रदेश के सभी चिकित्सकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। सीएम बघेल ने ट्वीट संदेश में कहा है कि चिकित्सकों की सेवा, समर्पण के प्रति सम्मान प्रगट करने के लिए हम हर साल एक जुलाई को नेशनल डॉक्टर्स डे मनाते हैं। मरीजों को नया जीवनदान देने के कारण डॉक्टरों को धरती के भगवान की संज्ञा गई है। समाज में उनका प्रतिष्ठित और सम्मानजनक स्थान रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना से लड़ाई में डॉक्टर्स सैनिक के रूप में आगे आए हैं। आज पूरे विश्व में अपनी जान की परवाह न कर डॉक्टर्स हजारों लोगों की जान बचाने में लगे हुए हैं। बघेल ने डॉक्टर्स को उनकी अतुल्य सेवाओं के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि कोरोना वारियर्स के रूप में अपनी सेवा और भूमिका से डॉक्टर्स ने एक चिरस्थायी स्वर्णिम अध्याय लिख दिया है।