थम नहीं रहा छत्तीसगढ़ के “बार अभ्यारण्य में शिकार”

कार में तीन चीतल शिकार ले जा रहा 1 गिरफ्तार, फरार आरोपियों में वनकर्मी भी

पिथौरा। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में स्थित महासमुंद जिले की सरहद से सटे बारनवापारा अभ्यारण्य में जंगली जानवरों का शिकार थम नहीं रहा है। हमने पहले भी इस आशय की रिपोर्ट की थी कि वह इलाका जहां शिकार की घटनाएं ज्यादा होती थी वहां एकदम से थम गया था। बीती रात शिकार समेत पकड़े गए एक आरोपियों के तीन अन्य साथी जो फरार हैं उनमें से एक वन कर्मचारी है। तीन चीतलों का बंदूक से शिकार कर कार से ले जाया जा रहा था। वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ मामला कायम कर कसडोल कोर्ट में पेश किया गया जहां से रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

                        मिली जानकारी के अनुसार बीती रात्रि कोई 11:30 बजे वन विभाग बार नयापारा एवम देवपुर परीक्षेत्र के कर्मचारियों द्वारा रात्रि गश्त के दौरान एक वाहन क्रमांक कार सीजी 06 जीपी 8 9 10 संदिग्ध अवस्था में कक्ष क्रमांक एफडी 163 हरदी बीट के पास बार से पकरीद मार्ग में देखा गया जिसका निरीक्षण करने पर दो मृत चीतल को डिक्की में मार कर रखा गया था एवम एक नर चीतल घटनास्थल पर मृत पाया गया।सभी चीतल जब्त कर वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9,27, 50,51 एवं 31 के तहत कार्रवाई की गई।
मौके पर वाहन चालक सह मालिक नरेंद्र पटेल निवासी नांद बारू सिरपुर जिला महासमुंद को रंगे हाथ पकड़ा गया।इसके अलावा अन्य 3 सहयोगी आरोपी फरार हैं जिसमें एक वन विकास निगम का कर्मचारी है जिसका नाम जावेद फारुकी बताया जा रहा है जोकि बार नवापारा का निवासी है।अन्य फरार आरोपियों की तलाश वन विभाग द्वारा की जा रही है। पोस्ट मार्टम करने वाले पशु चिकित्सक अनीश सोनवानी ने बताया कि तीनों चीतलों की बंदूक की गोली लगने से ही मौत हुई है। मृत चीतलों में दो मादा एक नर है।नर चीतल की उम्र 5 साल व मादा चीतल की उम्र क्रमशः 1 साल और 3 साल के करीब है।

डॉ सोनवानी ने बताया कि तीनों चीतलों का गला भी रेता गया था। इस मामले में बार के रेंजर कृशानु चंद्राकर, क्षेत्रपाल,पी के सिन्हा, मोबिया खान, शालिक राम डाडसेना, एवं सुरेंद्र कुमार सिदार,बसंत खांडेकर एवं वनरक्षक नेहरू नाम निषाद,अमिताभ बंजारे , ओमप्रकाश भू आर्य,अजीत ध्रुव,भोलाराम ध्रुव, एवं बार नयापारा एवं देवपुर दोनों परीक्षेत्रों के अधिकारी कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी थी।