महासमुंद : फिर दीगर राज्यों को जा रहे 200 मजदूर गाँव लौटाए जा रहे

महासमुंद प्रशासन और श्रम विभाग की कार्यवाही, पर दलालों के हौसले बरक़रार

रजिंदर खनूजा, पिथौरा| महासमुंद जिले के पिथौरा  के समीप डोंगरीपाली एवम नदी मोड़ के पास कल फिर कोई 200 से अधिक मजदूरो को दीगर प्रान्त पलायन करते श्रम विभाग द्वारा पकड़ा गया। कलेक्टर महासंमुंद के निर्देश पर मजदूरो को स्थानीय एकलव्य स्कूल में रोक कर बयान लिए जा रहे है ।इसके बाद सभी मजदूरों  को उनके घरों को वापस भेजा जाएग। ये सभी कसडोल और पिथोरा इलाके के हैं |

दुधमुहे बच्चों के साथ भट्ठा लेकर जा रहे मजदूरों को ले जाने वाले किसी भी प्रमुख दलाल पर कार्यवाही नही होने के कारण बुलन्द हौसलों के साथ अब भी ये दलाल मजदूरो को प्रतिदिन ले जा रहे है।
देश भर में कोरोना महामारी के कारण अनेक तरह की सावधानियां बरतने के निर्देश सभी सूचना तन्त्रो से प्रसारित किए जा रहे है।इसका असर प्रदेश में भी दिखाई दे रहा है।परन्तु जिले में मजदूर दलालों के लिए शासन की यह महत्वपूर्ण अपील भी कोई मायने नहीं  रखती।

महासमूंद जिले से लगभग प्रतिदिन 500 से 1000 तक मजदूर विभिन्न साधनों में खचाखच भर कर ले जाये जा रहे हैं | गांजा और शराब के लिए प्रतिदिन सक्रिय रहने वाली पुलिस इस मामले में हाथ धरे है । भट्ठा जाते मजदूरों  को रोकने का पूरा जिम्मा एस डी एम एवम श्रम निरीक्षक को दे दिया गया है ।

बीती रात पिथौरा के चार किलोमीटर दूर ग्राम डोंगरी पाली के पास श्रम निरीक्षक ने एक बस एवम दो पिकअप में भर कर ले जाते कोई 90 मजदूरों  को रोका है इनमे 23 बच्चे शामिल है।

नवजात भी साथ

उत्तर प्रदेश के ईंट भट्ठों में मजदूरी हेतु ऐसे मजदूरों को भी ले जाया जा रहा है जिनके दुधमुहे बच्चे साथ मे है।इन  बच्चों के साथ एक 40 सीटर बस में करीब सौ से अधिक मजदूरो को खचा खच भर कर कोई 1000 किलोमीटर का लंबा सफर बगैर किसी भोजन की व्यवस्था के तय करना पड़ता है।

पुलिस ने कहा, हम कार्यवाही नही कर सकते
इधर स्थानीय पुलिस से कुछ पत्रकारों ने भट्ठा ले जाने वाले दलालों पर कार्यवाही की मांग करने पर पुलिस अधिकारियों ने कार्यवाही करने से स्पस्ट इंकार कर दिया था। इसके बाद जब शिकायत जिला कलेक्टर से की गई तभी श्रम निरीक्षक द्वारा एस डी एम के साथ मिल कर कार्यवाही की गई।

कुल 220 मजदूरो को वापस किया गया
बीती रात की कार्यवाही में महासमूंद के समीप नदी मोड़ से 100 मजदूर एवम 30 बच्चों को छुड़ाया गया जबकि पिथौरा के समीप 73 मजदूर एवम 23 बच्चों को छुड़वाया गया है।इनमे कोई आधा दर्जन से अधिक दुधमुहे बच्चे शामिल है।

दलालों के हौसले बुलंद
महासमुन्द जिले में मजदूरों को लेकर ईंट भट्ठे में भेजने वाले कोई दर्जन भर दलाल अधिक सक्रिय है| अपने बुलन्द हौसले के साथ काम कर रहे है।इन दलालों पर कार्यवाही नही होने के कारण ये मजदूरों से लदी वाहन पकडाने के बाद भी पुनः उसी दिन कार्यवाही को नजरअंदाज करते हुए अगली खेप को भेजने की तैयारी में जुट जाते है।

जनसम्पर्क से सभी पत्रकारों को जानकारी दी जाएगी
इधर उक्त मामले में कार्यवाही करने के लिए एकलव्य स्कूल में मौजूद स्थानीय एस डी एम एवम श्रम निरीक्षक पत्रकारों का मोबाइल रिसीव नही कर रहे और ना ही कोई जानकारी दे रहे है।एस डी एम द्वारा पत्रकारों से इतना ही कहा गया कि जनसम्पर्क से सभी पत्रकारों को जानकारी दी जाएगी।


बहरहाल कोरोना के बढ़ते प्रभाव में जिस तरह मजदूर अन्य प्रान्तों से वापस आये थे और आज वही मजदूर जिस तरह कोरोना से बचने सरकारी निर्देशो को धता बता कर 40 सीटर बसों में 100 से अधिक मजदूरों को ठूस ठूस कर भर कर हजारो किलोमीटर दूर ले जा रहे है।उससे इस वर्ष मजदूरों की जान अत्यधिक जोखिम में है|

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