आदित्या हाॅस्पिटल को कोविड मरीजों के इलाज की अनुमति पर रोक

हॉस्पिटल में शासन के निर्देश के बावजूद मरीजों से भारी वसूली की शिकायत

रजिंदर खनूजा, महासमुन्द| महासमुन्द जिला मुख्यालय के सबसे बड़े निजी आदित्या हाॅस्पिटल को कोविड-19 मरीजों के उपचार के लिए प्रदाय की गई अनुमति को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक जिला प्रशासन द्वारा रोक लगा दी गयी है। ज्ञात हो कि उक्त हॉस्पिटल में शासन के निर्देश के बावजूद मरीजो से भारी वसूली की शिकायत हो रही थी। अब उक्त आदित्या हाॅस्पिटल महासमुन्द में पूर्व के भर्ती कोविड-19 के उपचार रत् मरीजों का इलाज पूर्ववत जारी रहेगा।

कोरोना आपदा के बीच एक ओर जहां मानवता दिखा कर मरीजो के लिए तन मन धन से सेवा करने की खबरे सुर्खियों में है।वहीं कई स्वास्थ्य संस्थाए एवम इससे जुड़े ऐसे लोग भी हैं जो इस आपदा को भी अवसर के रूप में देख रहे हैं। खास तौर पर स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं में लगे कुछ अस्पताल व इनके कर्मी शामिल हैं।

कुछ निजी स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजो से उपचार के नाम से लूट की शिकायत लगातार जिला प्रशासन तक पहुच रही थी।जिस पर अंततः आज प्रशासन ने कार्यवाही कर एक कोविड केअर सेंटर की अनुमति वापस लेकर दो अन्य निजी अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए है।

इस सम्बन्ध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एन.के. मंडपे ने बताया कि 10 अप्रैल 2021 को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय महामसुन्द द्वारा नर्सिंग होम एक्ट 2021/1560 के द्वारा कोविड-19 के संक्रमण के रोकथाम के लिए आदित्या हाॅस्पिटल, पुरानी मंडी रोड, गंज पारा महासमुन्द को कोविड-19 से संक्रमित मरीजों के शासन द्वारा निर्धारित दर से उपचार की अनुमति प्रदान की गई थी।

आदित्या हाॅस्पिटल, के विरूद्ध लगातार शिकायत प्राप्त हो रही थी कि अस्पताल संचालक द्वारा शासन द्वारा निर्धारित दर से अधिक राशि वसूल की जा रही है। इस संबंध में संबंधित संस्था को पत्र क्रमांक 1795 दिनांक 23 अप्रैल 2021 एवं पत्र क्रमांक 1889 दिनांक 28 अप्रैल 2021 के द्वारा स्पष्टीकरण जारी किया गया था।

इस संबंध मे गुरुवार तक आदित्या हाॅस्पिटल का जवाब कार्यालय को प्राप्त नहीं हुआ। नोटिस जारी करने के पश्चात् संबंधित संस्था के विरूद्ध लगातार अधिक राशि वसूल किए जाने संबंधी शिकायतें प्राप्त होती रही एवं दैनिक समाचार पत्रों के माध्यम से इनके विरूद्ध समाचार प्रकाशित किया जा रहा था।

शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य नहीं करने के कारण आदित्या हाॅस्पिटल महासमुन्द को कोविड-19 मरीजों के उपचार के लिए प्रदाय की गई अनुमति को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक रोक लगाई गई है।

डाॅ. मंडपे ने बताया कि आदित्या हाॅस्पिटल द्वारा पूर्व में भर्ती कोविड-19 के उपचाररत् मरीजों का इलाज सुचारू रूप से जारी रहेगा। परंतु कोविड-19 के नए मरीजों  की भर्ती के लिए आदित्या हाॅस्पिटल में रोक लगा दी गई है।

 दो अन्य अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस 
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एन.के. मंडपे ने बताया कि इसी तरह महासमुन्द जिले के 02 अन्य अस्पतालों आर.एल.सी. हाॅस्पिटल महासमुन्द एवं भारती हाॅस्पिटल सरायपाली को भी कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है। इसमें आर.एल.सी. हाॅस्पिटल महासमुन्द एवं भारती हाॅस्पिटल सरायपाली को कोविड-19 के मरीजों के कोविड-19 जाॅच के एवज् में शासन द्वारा निर्धारित दर से अधिक राशि वसूली किए जाने के कारण नोटिस जारी कर तीन दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा गया है।

बहरहाल जिले सहित राजधानी के अधिकांश  अस्पतालों में कोविड मरीजो से जमकर वसूली हो रही है। एक पीड़ित के अनुसार राजधानी के एक अस्पताल में एक मरीज को 12 दिन भर्ती रख कर साढ़े छह लाख का बिल थमा दिया गया जिसमें साढ़े तीन लाख रुपये दवाओं का बिल बनाया गया था। प्रदेश में निजी अस्पतालों द्वारा आपदा में की जा रही लूटपाट ने जहाँ ईमानदारी से सेवा कार्य मे  जुटे डॉक्टरों को परेशान कर रखा है वही मरीज अपना घर जेवर गाड़ी बेच आदि सब कुछ बेच कर इन अस्पताल संचालको को सौंपने मजबूर है।