पिथौरा के नर्सरी में मिली एक प्राचीन मूर्ति

महंत घासीदास संग्रहालय के अधिकारी पहुंचे

पिथौरा। विगत दिनों पिथौरा के करीब फिरतु कटेल नर्सरी में मिली एक प्राचीन पत्थर की मूर्ति को स्थानीय पुलिस से रायपुर से आये महंत घासीदास संग्रहालय के अधिकारी अपने सुपुर्द ले गए। अब उक्त मूर्ति राजधानी के पुरातत्व संग्रहालय में रखी जायेगी।
आज प्रातः प्रदेश की राजधानी में स्थित महंत घासीदास संग्रहालय के संग्राहक अध्यक्ष डॉ प्रताप पारख, सेवानिवृत उपसंचालक जी एल रैगवार,पर्यवेक्षक प्रभात सिंह एवम उत्खनन सहायक प्रवीण तिर्की पिथौरा थाना पहुचे।यहां थाना प्रभारी कमला पुसाम ने पुरातत्व अधिकारियों को कुछ औपचारिकताओं के बाद उक्त मूर्ती सौंप दी।इस सम्बंध में पुरातत्व विभाग के डॉ प्रताप पारख ने इस प्रतिनिधि को बताया कि उक्त मूर्ति कोई 500 वर्ष से अधिक पुरानी है।इस मूर्ति के ऊपर 5 सर्प है जिससे ये मूर्ती दक्षिण के किसी खुदाई की लग रही है।जिसे पहचानना अभी कठिन है।रायपुर ले जाने के बाद इसकी पहचान कर इसे संग्रहालय में लगाई जाएगी। ज्ञात हो कि विगत दिनों समीप के फिरतु कटेल जंगल मे उक्त पत्थर की पुरातत्व मूर्ती मिलने से ग्रामीण उसे एक जगह स्थापित कर उसकी पूजा अर्चना करने लगे थे।जिसकी खबर स्थानीय पुलिस को मिलते ही थाना प्रभारी ने तत्काल कार्यवाही करते हुए उसे जप्त कर पुरातत्व विभाग को खबर कर दी थी।