पिथौरा इलाके के 5 मजदूर ठेकेदारों को श्रम विभाग की नोटिस

भट्ठों में काम के लिये ले जा रहे 81 मजदूरो एवम उनके 15 मासूम बच्चों को रोककर वापस भेजा

रजिंदर खनूजा ,पिथौरा| शुक्रवार की रात महासमुंद जिले के पिथौरा क्षेत्र से उत्तरप्रदेश के  भट्ठों में काम के लिये ले जा रहे 81 मजदूरो एवम उनके 15 मासूम बच्चों को रोककर वापस भेजने के बाद श्रम विभाग की ओर से मजदूरो के बयान के आधार पर 5 मजदूर ठेकेदारों को नोइश भेजा गया है|

इनमे पिथोरा नगर के तीन मजदूर ठेकेदार नन्दू महन्ती,राजेश अग्रवाल एवम मुकेश अग्रवाल सहित बागबाहरा विकासखण्ड के ग्राम अमानारा निवासी कमलाबाई एवम पतेरपाली निवासी भरत पटेल हैं| इन पर  श्रम अधिनियम 1979 की धारा 8 एवम 12 के तहत सक्षम अधिकारी से मजदूर बाहर ले जाने की अनुमति नही लेने एवम मजदूरो को बाहर भेजने के पूर्व प्राधिकृत अधिकारी को सूचना नही देने के उल्लंघन करने हेतु कारण बताओ नोटिस जारी की गई है।

सभी आरोपियों पर अंतरराज्यीय प्रवासी कर्मकार अधिनियम के तहत अभियोजन दायर किया जाएगा।ज्ञात हो कि शुक्रवार की रात महासमुंद ज़िले के विभिन्न विकासखंड क्षेत्र के वनांचल से लगे कई गांव से दूसरे प्रांतो में बहला फुसला के ले जाने की जानकारी से ज़िला प्रशासन के साथ ज़िला श्रम विभाग के अधिकारीयओ ने कार्यवाही की थी।

जनसम्पर्क से मिली जानकारी के अनुसार कुल 81 मज़दूर एक बस एवम दो पिकअप में मील थे। दो पिकअप वाहन में 37 मज़दूर थे इसी प्रकार एक बस को भी रोका गया जिसमें 44 थे । श्रमिकों को उत्तर प्रदेश कामकाज के लिए जा रहे थे। सभी मज़दूरों से श्रम इंस्पेक्टर ने जानकारी ली। इनमें 28 पुरुष, 23 महिलाएँ और 30 बच्चे जिनकी उम्र 18 वर्ष से कम थी सवार थे। इन मज़दूरों में पिथौरा तहसील के 38, पड़ोसी ज़िला बलौदाबाज़ार तहसील कसडोल के 27 मज़दूर शामिल है। तहसील बसना, महासमुंद, बागबाहरा और अरंग तहसील के 4-4 मज़दूर शामिल थे।

कोविड की कार्यवाही नही,समझाइस दी गयी
एसडीएम श्री गोलछा ने जा रहे सभी मज़दूरों को समझाईस दी कि वर्तमान में कोरोना (कोविड-19 ) के चलते अपने घर रह कर सुरक्षित रहे। अपने क्षेत्र/ इलाक़े में चल रहे विभिन्न मनरेगा में काम कर अपनी आय बढ़ाये।परन्तु कोरोना नियमो के उल्लंघन का कोई मामला दर्ज नही किया गया।

ज़िला श्रमअधिकारी ड़ी.के.राजपूत ने बताया कि विकासखण्ड बागबाहरा के भारत पटेल ग्राम पतेरापाली, कमला बाई ग्राम आमानारा एवं विकासखण्ड पिथौरा के नंदू मोहंती, मुकेश अग्रवाल, राजेश अग्रवाल ठेकेदारों के माध्यम से श्रमिकों को पलायन करते हुए पकड़ा गया है। इन सभी ठेकेदारों के विरूद्ध अंतर्राज्यीय प्रवासी कर्मकार अधिनियम 1979 की धारा 8 एवं धारा 12 के अंतर्गत अनुज्ञप्ति नहीं लेने एवं प्राधिकारी को सूचना नहीं दिये जाने बाबत् उल्लंघन के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इनके विरूद्ध अभियोजन की कार्यवाही की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि पलायन के पूर्व संबंधित ठेकेदारों के द्वारा अधिनियम के अंतर्गत अनुज्ञप्ति प्राप्त किया जाना चाहिए एवं पलायन करने वाले श्रमिक का नाम पलायन पंजी में संबंधित ग्राम पंचायत द्वारा दर्ज किया जाना अनिवार्य है।

उपरोक्त नियमों का पालन न किये जाने पर पलायन अवैध श्रेणी में आता है। अतः संबंधित ठेकेदार उपरोक्त नियमों का पालन करते हुए श्रम विभाग में अधिनियम अंतर्गत अनुज्ञप्ति प्राप्त कर वैध तरीके से श्रमिकों को कार्य कराने के उद्देश्य से अन्य राज्य में ले जा सकते है। अन्यथा की स्थिति में संबंधितों के विरूद्ध अधिनियमांतर्गत वैधानिक कार्यवाही की जावेगी।

अन्य राज्य में कार्य करने के उद्देश्य से प्रवास करने वाले श्रमिकों का छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अथवा असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा मण्डल के अंतर्गत हितग्राही पंजीयन अवश्य करावें।