बगैर स्वीकृति, विरोध के बाद भी डामर प्लांट चालू करने की तैयारी

रजिंदर खनूजा, पिथौरा|  महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत उतेकेल में मुख्य मार्ग पर बगैर स्वीकृति के एक निजी कंपनी द्वारा लगाए जा रहे डामर प्लांट का ग्रामीणों ने विरोध किया है। ज्ञात हो कि इस सम्बंध में ग्रामीणों द्वारा कोटवारी जमीन पर बगैर अनुमति के ही डामर प्लांट प्रारम्भ करने की शिकायत पर स्थानीय अनुविभागीय अधिकारी स्थगन भी दे चुके हैं, इसके बावजूद प्लांट चालू करने की तैयारी की जा चुकी है।

बगैर अनुमति के ही डामर प्लांट प्रारम्भ करने की शिकायत पर स्थानीय अनुविभागीय अधिकारी स्थगन भी दे चुके हैं,

ग्राम उतेकेल के सरपंच ने बताया कि उनके ग्राम क्षेत्र में ही एक निजी कंपनी द्वारा डामर प्लांट की स्थापना की जा रही है। कोटवारी जमीन पर ठेकेदार द्वारा बगैर किसी की अनुमति के ही प्लांट लगा दिया।

सरपंच सत्यानंद बांक ने बताया कि उनके पास प्लांट लगाने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र मांगा गया था परन्तु कार्यस्थल पर ग्रामीणों के खेत है।जो कि प्लांट स्थापना के बाद बंजर हो जाएंगे और उसके धुंए से निकलने वाली गैस से ग्राम सहित आसपास का वातावरण प्रदूषित हो जाएगा। लिहाजा इस स्थान पर पंचायत द्वारा ठेकेदार को अनापत्ति देने से इनकार कर दिया गया है।

 अब चालू करने की तैयारी चरम पर

अनुविभागीय अधिकारी के स्थगन एवम पंचायत प्रतिनिधियो के विरोध के बावजूद अब उक्त डामर प्लांट शीघ्र ही प्रारम्भ होने की कगार पर है।यदि ऐसे तनाव के माहौल में प्लांट चालू किया गया तब ग्रामीणों एवम ठेकेदार के बीच संघर्ष से इनकार नहीं किया जा सकता।

बहरहाल देश भर में पर्यावरण को बचाने रिहायसी इलाकों के आसपास पेड़ पौधे लगा कर पर्यावरण बचाने के प्रयास किये जा रहे हैं|  वहीँ दूसरी ओर शासन के ठेकेदार ग्राम के आसपास ही खतरनाक गैस छोड़ने वाले डामर प्लांट बगैर अनुमति के ही लगाने प्रयासरत है। अब देखना होगा कि शासन ग्रामीणों की पर्यावरण हेतु किया जा रहे प्रयासों पर मुहर लगाती है या ठेकेदार द्वारा नियमविरुद्ध लगाए जा रहे डामर प्लांट को सहयोग करती है।

बता दें शासकीय नियमों को दरकिनार कर इसी इलाके में जोंक नदी में रेत का अवैध खनन चल रहा है, दीगर जगह डंप किया जा रहा है|