Video:खेत में हाथी ने किसान को पटक पटक मारा डाला ,बेबस बेटा देखता रह गया

रजिंदर खनूजा, महासमुन्द| महासमुन्द जिले के ग्राम परसाडीह निवासी मनीराम  नामक ग्रामीण  को शुक्रवार शाम 6 बजे अपने खेत के धान फसल में दवाई छिड़काव करते समय एक हाथी ने पटक-पटक कर मार डाला।बहरहाल घटना की सूचना के बाद रेंजर शालिक राम डड़सेना द्वारा तत्काल 25 हजार रुपये की सहायता प्रदान की है।
मिली जानकारी के अनुसार कल शुक्रवार की शाम कोई 6 बजे ग्रामीण मनीराम अपने पुत्र जयलाल यादव(17) के साथ अपने खेत गया था एवम पुत्र को मेड पर बैठने बोल कर स्वयम खेत मे कीटनाशक का छिड़काव कर रहा था तभी अचानक एक विशालकाय हाथी खेत की ओर बढ़ता दिखा।हाथी को देख कर मनीराम के पुत्र जयलाल ने पिता को आवाज लगाई परन्तु खुद घबराये पुत्र के मुंह  से आवाज ही  नही निकली और हाथी तेजी से चलते खेत मे घुस गया।

हाथी का रौद्र रूप देख कर पुत्र तत्काल समीप के एक पेड़ में चढ़ गया और उसने अपनी लाचार आंखों से अपने पिता को हाथी द्वारा मौत होते तक पटकते देखता रहा। पिता की मौत देख किसी तरह से हिम्मत जुटा कर जयलाल ने गांव में फोन कर घटना कि जानकारी दी। उसके बाद हाथी सीधा भागते हुए ग्राम परसाडीह में दौड़ते हुए गली मोहल्ले को पार करते हुए कुकराडीह बंजर की ओर भाग गया।
 वन विभाग ने की सहायता
इधर वन विभाग एवं पुलिस विभाग को सुचना मिलते ही वे रात में ही घटना स्थल पहुच कर शव को रात्रि में ही खेत से बाहर निकाल कर आज सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।इसके अलावा परिजनों को वन मण्डलाधिकारी पंकज राजपुत के निर्देश पर 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मृतक के परिजनों को दी गयी है। राशि प्रदान करते समय पंचायत के सरपंच बलराम ध्रुव ग्राम प्रमुख रूप सिंह नेताम राधे लाल सिन्हा के साथ ग्राम के ग्रामीण जन उपस्थित थे।रेंजर एस आर डड़सेना ने बताया कि शेष राशि 5लाख 75 हजार रुपए पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद तत्काल नियमानुसार प्रार्थी के बैंक खाते में जमा कर दी जाएगी।
अब तक 21 मौतें 
इधर हाथी भगाओ फसल बचाओ समिति के संयोजक राधे लाल सिन्हा ने बताया कि सिरपुर क्षेत्र में पहली बार हाथी का आगमन मार्च 2016 में हुआ था। तब से लेकर अब तक 21 लोगों को हाथी ने कुचल कर मार डाला है। परसाडीह में यह दूसरी घटना है जिसे हाथी ने मार डाला।

 अफसरों के नित नए प्रयोग हो रहे असफल
जानकर बताते हैं  कि महासमुन्द जिले में कुछ उच्च पदस्थ अफसर लगातार  हाथियों पर नियंत्रण का हास्यास्पद  प्रयोग करते रहते है। जिसमे इन अफसरों ने शासन के करोड़ो रूपये प्रयोगों के नाम पर फंक दिए।इसके बावजूद इन प्रयोगों से हाथियों पर तो नियंत्रण नही पाया जा सका परन्तु इन प्रयोगों से हाथियों के खाली पेट ने हाथियों को आक्रमक जरूर बना दिया।

जानकर बताते हैं कि पूरे प्रदेश के अनेक जिले हाथी प्रभावित है परन्तु महासमुन्द जिले के खासकर सिरपुर क्षेत्र में ही हाथी लगातार मनुष्य को देखते ही उन पर हमला कर रहे है जो कि अब एक चिंताजनक मामला हो गया है।हाथियों हेतु कॉरिडोर बनाने की सरकारी योजना भी अब ठंडे बस्ते में चली गयी है।अब यहां जरुरत   है तो बस किसी ठोस कार्ययोजना की जिसमे हाथियों को यहां से भगाने की बजाय उनके लिए जंगलो के बीच भोजन- पानी की व्यवस्था हो और आज के दुश्मन बन बैठे हाथी,  मानव के साथी बन कर आराम से जीवन बसर कर सके।

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