महासमुंद : जंगल सूखने लगे, भूखे प्यासे जानवर आबादी की ओर…

बढ़ने लगा हमले और शिकार का ख़तरा

रजिंदर खनूजा, पिथौरा। महासमुंद और बलौदाबाजार के जंगल अब बढ़ती गर्मी के साथ सूखने लगे है। वहीं इन जंगलों में जानवरों के लिए बनाए गए जल स्त्रोत में से अधिकतर सुख चुके है, या फिर जल स्तर अपने निचले हिस्से तक जा पंहुचा है। ऐसे में अब ये जंगली जानवर गाँव में बने तालाब और वैकल्पिक जल स्त्रोतों की तरफ बढ़ रहे है।

इधर वन विभाग को सतर्क होना होगा, क्यों कि इन हालातों में वन्य प्राणियों के शिकार का खतरा बढ़ जाता है, साथ ही जानवरों के हमलावर होने पर भी ख़तरा होता है। अक्सर वन्य प्राणियों के हमले की खबरें भी इसी वज़ह से सामने आती है। वर्तमान में कोरोना महामारी के कारण सरकारी खर्च में की जा रही कटौती के कारण सूखे जल स्त्रोतों को चार्ज भी नही किया जा रहा।

ज्ञात हो कि वन विभाग वर्तमान में फंड नहीं होने की बात कह कर जंगलो में वन्य प्राणियों के लिए पानी एवं भोजन की व्यवस्था नहीं कर पा रहा है। वही लॉक डाउन के बाद भी दो माह पूर्व लाये गए प्रदेश के राजकीय पशु वन भैंसा की जोड़ी पर प्रतिदिन लाखो रुपये उड़ा रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को पटेवा क्षेत्र के रूमेकेल जंगल मे तेंदूपत्ता तोड़ने गए एक युवक पर अचानक एक भालू ने हमला कर दिया। युवक ने भागकर अपनी जान बचाई और गांव पहुंचा। ग्रामीणों की मदद से युवक को उपचार के लिए तुमगांव में भर्ती कराया गया है। जानकारी के मुताबिक घटना सुबह 6 बजे की है।

रूमेकेल निवासी रामशरण ठाकुर तेंदूपत्ता तोड़ रहा था। जिसे भोजन की तलाश में घूम रहे भालू ने घायल कर दिया। ग्रामीणों ने डायल 112 से युवक को उपचार के लिए तुमगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाया। वन विभाग की ओर से युवक को पांच सौ रूपए की आर्थिक सहायता दी गई है।

लगातार हो रहे हमले
वनों में पानी एवम पेड़ पौधों के सूखने के कारण लगातार वन्य प्राणी जंगल से निकल कर ग्रामो के मुहाने एवम ग्राम के अंदर तक पहुच रहे है। इनमे चीतल जैसे प्राणी मारे जाते है जबकि हिंसक वन्य प्राणी भालू एवम तेंदुआ जंगल मे महुआ तेंदू बीनने गए एवम अब तेंदूपत्ता तोड़ने गए ग्रामीणों पर हमले भी कर रहे है।

हाथी के बाद अब तेंदुआ
इसी तरह शनिवार को ही बागबाहरा में हाथियों के बाद अब तेंदुए की दस्तक दिखाई दे रही है। अब चंडी मन्दिर में भालू के साथ एक तेंदुआ भी दिखाई दिया।यह जानकारी वन विभाग को मिलते ही विभाग परेशान दिखाई दे रहा है। क्योंकि चंडी मन्दिर में अक्सर श्रद्धालुओ की भीड़ रहती है।

ऐसी स्थिति में जंगल से पानी एवम भोजन की तलाश में आ रहा तेंदुआ कभी भी खतरनाक हो सकता है। विभागीय सूत्रों की माने तो उन्होंने गस्त के दौरान तेंदुए को घुंचापाली चंडी मंदिर के आसपास विचरण करते हुए देखा है। जिसके बाद से विभाग ने आसपास के गांव में अलर्ट जारी कर दिया है।

वन परिक्षेत्र अधिकारी ने किया अलर्ट
वन परिक्षेत्र अधिकारी जयकांत गंडेचा ने मीडिया को बताया कि घुुंचापाली चंडी पहाड़ी में शिव मंदिर के पास एक तेंदुए को विचरण करते हुए देखा गया है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन दिन से पहाड़ी के आसपास तेंदूए के लगातार विचरण करने के बाद क्षेत्र में अलर्ट जारी है। बता दें कि क्षेत्र में पहले से ही भालू और हाथी की दहशत है अब तेंदूए के आने से क्षेत्र में दहशत और बढ़ गई है।